जयपुर की मकर संक्रांति पूरी दुनिया में मशहूर है. इसी पतंगबाजी का आनंद लेने के लिए मुंबई से 6 साल का मासूम धीर सांगानेरिया अपने माता-पिता के साथ जयपुर आया था. धीर का यहां ननिहाल है. माता-पिता चाहते थे कि उनकी इकलौती संतान गुलाबी नगरी के आसमान में उड़ती रंग-बिरंगी पतंगों को देखे और खुश हो, लेकिन किसे पता था कि यह सफर इतना दर्दनाक होगा.
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कैसे हुआ यह हादसा?
मकर संक्रांति के दिन धीर अपने पिता हितेश के साथ कार में घूमने निकला था. आसमान में पतंगों का नजारा देख बच्चा बेहद खुश था. इसी उत्साह में उसने कार की सनरूफ से अपना सिर बाहर निकाल लिया. तभी अचानक हवा में लहराता हुआ एक चाइनीज मांझा उसकी गर्दन से आकर टकराया. मांझा इतना धारदार था कि पलक झपकते ही मासूम का गला बुरी तरह कट गया.
इलाज के दौरान तोड़ा दम
इसके बाद घायल अवस्था में मासूम धीर को उसके माता-पिता तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे. मां आयुषी और पिता हितेश की आंखों में उम्मीद थी, लेकिन मांझे की गहरी चोट के आगे मासूम जिंदगी हार गई. इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
उसके बाद जिस ननिहाल में त्योहार की खुशियां होनी थीं, वहां मातम पसर गया. माता-पिता ने अपनी इकलौती संतान को खो दिया, वहीं नाना-नानी की गोद हमेशा के लिए सूनी हो गई. लेकिन यह हादसा एक बार फिर खतरनाक चाइनीज मांझे को लेकर सवाल खड़े करता है.
प्रतिबंध के बावजूद बाजार में चाइनीज मांझा
यह हादसा एक बार फिर खतरनाक चाइनीज मांझे पर सवाल खड़े करता है. राजस्थान समेत कई राज्यों में इस मांझे पर प्रतिबंध है, फिर भी यह खुलेआम बाजार में बिक रहा है.
हर साल मकर संक्रांति पर इस तरह के हादसे सामने आते हैं. कभी बच्चे, कभी बाइक सवार और कभी पक्षी इसका शिकार बनते हैं. इसके बावजूद न तो बिक्री पूरी तरह रुक पा रही है और न ही लोग इसके खतरे को गंभीरता से ले रहे हैं.
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