8 लाख का कर्जा..घर बैठे साहूकार! कोटा मंडी में गेहूं की फसल के सस्ते दाम सुनते ही बेहोश हुआ किसान, हंसराज अपने पीछे छोड़ गए गम ही गम!

कोटा की भामाशाह मंडी में गेहूं की कम कीमत मिलने के सदमे से किसान हंसराज वैष्णव की हार्ट अटैक से मौत हो गई. 8 लाख के कर्ज और खराब फसल से परेशान किसान नीलामी के दौरान बेहोश होकर गिर पड़े थे.

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चेतन गुर्जर

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किसानों को मौसम की दोहरी मार पड़ रही है. एक तरफ बारिश के चलते फसल खराब हो गई. दूसरी तरफ मंडी में फसलों का सही दाम नहीं मिल रहा है. इससे किसान काफी परेशान है, ऐसा ही एक मामला कोटा की भामाशाह मंडी से सामने आया है, जहां, एक किसान अपनी फसल बचने आया लेकिन अपने घर जिंदा नहीं लौट सका. किसान की नीलामी के दौरान अचानक मौत हो गई. बताया जा रहा है कि अपनी फसल के कम दाम सुनकर किसान गहरे सदमे में आ गया, जिसके बाद उसे दिल का दौरा पड़ गया. यह किसान पहले से ही मौसम की मार और कर्ज के बोझ से परेशान था.

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नीलामी के दौरान बिगड़ी तबीयत

मृतक किसान की पहचान झाड़आमली निवासी 54 वर्षीय हंसराज वैष्णव के रूप में हुई है. बुधवार सुबह वह अपनी गेहूं की फसल लेकर मंडी पहुंचे थे. चश्मदीदों के मुताबिक, जब गेहूं की बोली लगनी शुरू हुई, तो दाम उनकी उम्मीद से काफी कम रहे. फसल की कम कीमत देखते ही हंसराज अचानक बेहोश होकर गिर पड़े. उन्हें फौरन अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

कर्ज और मौसम की दोहरी मार

हंसराज के परिवार ने बताया कि वह अपनी 4 बीघा जमीन के अलावा 10 बीघा जमीन ठेके पर लेकर खेती कर रहे थे. इस साल हुई ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश ने उनकी फसल को पहले ही काफी नुकसान पहुंचाया था. परिवार पर करीब 8 लाख रुपये का कर्ज भी था. बेटे अजय के अनुसार, साहूकारों का कर्ज चुकाने का दबाव लगातार बढ़ रहा था और फसल से मिलने वाली रकम ही उनकी आखिरी उम्मीद थी.

पुलिस जांच और पोस्टमार्टम अनंतपुरा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असल वजह साफ हो पाएगी. फिलहाल, इस घटना ने कृषि क्षेत्र की बदहाली और किसानों की मानसिक स्थिति पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

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