Rebellion in BJP will create trouble: राजस्थान विधानसभा चुनाव (rajasthan election 2023) के लिए बीजेपी (bjp) ने 41 प्रत्याशियों की लिस्ट जारी होने के बाद पार्टी का चुनावी कैंपेन शुरू हो गया है. वहीं, पार्टी में बगावत भी सामने आने लगी है. वसुंधरा राजे के समर्थक विधायक टिकट कटने के बाद बागी हो चले हैं. वहीं, पार्टी के कई अन्य नेता भी निर्दलीय मैदान में ताल ठोंकने की तैयारी कर रहे हैं. कांग्रेस (congress) की पहली लिस्ट जारी होने से पहले विरोधी पार्टी में मचा यह घमासान राज्य में सियासी सरगर्मी को बढ़ाने के लिए काफी है.
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ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि पिछले 5 साल से सत्ता में वापसी की आस लगाई बैठी पार्टी के लिए अपने ही नेता बड़ी मुसीबत बनेंगे? इस सवाल का जवाब शायद पार्टी की मुश्किलें और बढ़ा सकता है. क्योंकि इसे लेकर जो सर्वे सामने आया है, उसमें आंकड़ें इसी तरफ इशारा कर रहे हैं.
दरअसल, पार्टी की लिस्ट में 7 सांसदों को भी मैदान में उतारा गया है. वहीं, झोटवाड़ा से राजपाल सिंह शेखावत, विद्याधर से नरपत राजवी समेत कई नेताओं की नाराजगी भी खुलकर सामने आ गई है. इसे लेकर एबीपी-सी वोटर ने सर्वे किया है. जिसमें सवाल पूछा गया कि राजस्थान में सांसदों को विधानसभा चुनाव में उतारने से बीजेपी में शुरू हुई बगावत से पार्टी को कितना नुकसान होगा? इस सवाल का सर्वे बीजेपी को परेशान कर सकता है.
टिकट फॉर्मूले से बीजेपी को फायदा होगा या नुकसान?
सर्वे में लोगों 44 फीसदी लोगों ने कहा कि सांसदों को विधानसभा चुनाव में उतारने से बीजेपी में शुरू हुई बगावत से बीजेपी को बहुत ज्यादा नुकसान होगा. वहीं, 23 फीसदी लोगों का मानना है कि पार्टी को नुकसान कुछ हद तक ही हो सकता है. जबकि 30 फीसदी लोगों का मत है कि इससे बीजेपी के चुनावी अभियान पर कोई असर नहीं होगा. साथ ही 3 फीसदी लोगों ने राय जाहिर नहीं की है.
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