अजमेर में एक स्कॉर्पियो में 4 लोगों के जले शव मिलने के मामले में पुलिस ने खुलासा कर दिया है. पुलिस ने मामले का खुलासा कर दिया है. इस हत्याकांड के पीछे कोई और नहीं बल्कि परिवार की बड़ी बहू ही है. हत्या करने में नाबालिग बेटे और बेटी ने भी साथ दिया. शवों को स्कॉर्पियो में डालकर आरोपी घर से दूर ले गए और फिर उसमें आग लगा दी. पुलिस को सड़क के किनारे सफेद रंग के स्कॉर्पियो में आग लगने की सूचना मिली. पता चला ये कार अजमेर में पूर्व सरपंच रहे रामसिंह की है. कार में 4 शव धू-धू करके जल रहे थे. पुलिस ने कड़ी से कड़ी मिलाई और आरोपियों तक पहुंच गई. आरोपी महिला और उसकी बेटी को हिरासत में ले लिया जबकि नाबालिग बेटे को डिटेल कर लिया है.
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क्या है ये पूरा मामला ?
अजमेर जिले के बोराड़ा थाना इलाके के श्रीरामपुरा गांव के रहने वाले पूर्व सरपंच रामसिंह चौधरी, उनकी मां पूसी देवी, दूसरी पत्नी सुरज्ञान और बुआ की बेटी महिमा का शव सफेद रंग की स्कॉर्पियो में जल गया. ये घटना रामसिंह के घर से करीब 500 मीटर दूर सड़क के किनारे घटा. पहले तो इसे कार में फॉल्ट से आग समझा गया. पता चला कि घर में सास को सांस लेने में तकलीफ के बाद परिवार के लोग उसे इलाज के लिए ले जा रहे थे. ये बात भी रामसिंह की पहली पत्नी सुनीता, बेटे और बेटियों ने सबको बताई थी. हालांकि पुलिस ने घटना स्थल पर जांच की. एफएसएल टीम ने साक्ष्य जुटाए और मामला संदिग्ध लगा. जब पुलिस ने कड़ी से कड़ी मिलाई तो मर्डर की कहानी सामने आई.
मां को मुर्गा बनाकर मारते थे पिता
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रामसिंह चौधरी की पहली पत्नी से जन्मे बेटे ने बताया कि मां को पिता मुर्गा बनाकर मारते थे. रामसिंह ने सुनीता के अलावा एक दूसरी महिला सुरज्ञान से शादी की थी. पहली पत्नी सुनीता अपने बेटे और बेटी के साथ उसी घर में रहती थी और आए दिन रामसिंह और सुनीता का विवाद होता था. बेटा और बेटी मां की फजीहत देख भीतर ही भीतर कुढ़ रहे थे. बताया जा रहा है कि नाबालिग बेटे ने पिता से बदला लेने की कई कोशिशें की थी जो नाकाम रहीं.
बदले की आग में जल रही सुनीता चौधरी ने बुधवार को नाबालिग बेटे और बेटी की मदद से घर चाकू मंगाकर पति, सौतन, सास और पति की रिश्तेदार लड़की का गला काट दिया. चारों के शव स्कॉर्पियो में डालकर घर से 500 मीटर की दूरी पर ले गए और सड़क के किनारे कार खड़ी कर आग लगा दी ताकि हत्या को हादसा का रूप दिया जा सके. लोग ये समझें कि कार में आग लगने से सभी की मौत हो गई.
इधर कार में आग लगने और उसमें परिवार के लोगों की जलने की खबर जैसे ही फैली, पहली पत्नी सुनीता चीख-चीखकर रोने लगी. किसी को क्या पता था कि जो महिला पति के लिए चीखकर रो रही है वही असली कातिल है. हालांकि पुलिस की जांच और वैज्ञानिक साक्ष्य, दो पत्नियां और घरेलू विवाद की जानकारी के बाद जब कड़ी से कड़ी मिलाई गई तो पूरा केस खुल गया.
पुलिस को ऐसे हुआ शक
पुलिस टीम जब जांच के लिए पहुंची तो दूसरी पत्नी का शव गाड़ी से कुछ दूरी पर खेत में मिला. उसके गले पर कट का निशान था और शरीर पर चोट के निशान थे. कार में ड्राइविंग सीट पर कोई नहीं था और आगे की सीट फोल्ड थी जबकि तीन लोग राम सिंह (45), मां पूसी देवी (79) और बुआ की बेटी कार में पीछे थे. पहली पत्नी सुनीता के हाथों में भी कट के निशान थे. पुलिस को ये क्लू मिलते ही उसने पूछताछ शुरू की और हत्या का खुलासा हो गया.
27 की रात क्या हुआ था ?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 27 मई की रात भी सुनीता और उसके पति का खूब झगड़ा हुआ था. मां की हालत देख लगातार बदले की आग में जल रहे 17 साल के बेटे ने ऑनलाइन चाकू मंगाया. रात में जब रामसिंह नींद में थे तब बेटे ने मां और बहन की मदद से चाकू से गला रेत दिया. ये करते हुए सौतेली मां ने देख लिया. नाबालिग बेटे ने उसका भी गला रेत कर मार डाला. इधर शोर-शराबा सुनकर दादी और बुआ की लड़की जग गई. तब सुनीता ने बेटी की मदद से उनकी भी हत्या कर दी. घर में खून को साफ कर हत्या के बाद हत्या को हादसा बनाने के लिए घर के बाहर खड़े ट्रैक्टर से डीजल निकाला. शवों को स्कॉर्पियो में डाला और घर से 500 मीटर दूर ले जाकर डीजल छिड़ककर आग के हवाले कर दिया. खेत में सुरज्ञान का शव कैसे पहुंचा ये अभी पहेली बनी हुई है. पुलिस आरेपियों से पूछताछ कर रही है.
गौरतल है कि राम सिंह चौधरी और उनकी मां दोनों सरपंच रह चुके हैं. राम सिंह की शादी साल 2005 में सुनीता चौधरी से हुई थी. पहले इनकी बेटी हुई जिसकी उम्र अब 19 साल है और बेटा जिसकी उम्र 17 साल है. 14 साल बाद एक महिला वकील सुरज्ञान से प्यार होने के बाद रामसिंह ने 2019 में कोर्ट में शादी कर ली.
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