Ajmer Crime News: अजमेर जिले के बोराडा थाना इलाके में 28 मई की सुबह श्रीरामपुरा गांव के पास एक स्कॉर्पियो कार धू-धू कर जलती हुई मिली. कार में चार लोगों जलकर मर गए. शुरुआत में सबको लगा कि यह एक दर्दनाक सड़क हादसा है, जिसमें गाड़ी पलटने या टकराने से आग लग गई और परिवार के लोग जिंदा जल गए. लेकिन अब इस कहानी में बड़ा खुलासा हुआ है.
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जिस स्कॉर्पियो कार के जलने को सुबह तक लोग सड़क हादसा समझ रहे थे, शाम होते-होते पुलिस ने उसका ऐसा खौफनाक खुलासा किया जिसे सुनकर हर कोई दंग रह गया. यह कोई हादसा नहीं, बल्कि एक सोची-समझी रोंगटे खड़े कर देने वाली सामूहिक हत्या (Family Murder) का मामला निकला, जिसे मृतक की पहली पत्नी ने अपने बच्चों के साथ मिलकर अंजाम दिया था.
कत्ल का खौफनाक खेल
28 मई 2026 की अलसुबह बोराडा थाना क्षेत्र के श्रीरामपुरा गांव के पास मुख्य सड़क पर एक स्कॉर्पियो गाड़ी धू-धू कर जलती मिली. शुरुआत में यह खबर फैली कि श्रीरामपुरा के पूर्व सरपंच और कांग्रेस नेता रामसिंह चौधरी अपनी मां और परिवार के साथ कार में जा रहे थे और एक्सीडेंट के बाद लगी आग में जिंदा जल गए. हादसे की तस्वीरें इतनी भयानक थीं कि रामसिंह की दूसरी पत्नी सुर्या गाड़ी जलने के बाद भी कुछ देर सड़क किनारे जिंदा तड़पती दिखी थी, जिसने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया.
घर ही बन गया कत्लगाह
अजमेर पुलिस कप्तान (SP) हर्षवर्धन अग्रवाला के निर्देश पर जब एफएसएल (FSL) और एमओबी (MOB) की टीमों ने मौके और रामसिंह के घर की जांच की तो परतें खुलती चली गईं. पुलिस जांच में सामने आया कि यह कोई रोड एक्सीडेंट नहीं था. रामसिंह, उनकी बुजुर्ग मां पूसी देवी, दूसरी पत्नी सुर्या और बुआ की बेटी (भतीजी) महिमा की हत्या कहीं और नहीं बल्कि उनके अपने ही घर में की गई थी.
पहली पत्नी बनी जल्लाद
पुलिस के अनुसार, रामसिंह चौधरी (श्रीरामपुरा के पूर्व सरपंच और कांग्रेस नेता) कुछ समय पहले सुर्या को ब्याह कर अपनी दूसरी पत्नी बनाकर घर लाया था. तभी से उसकी पहली पत्नी सुनीता उनकी जानी दुश्मन बन गई थी. घर में सौतन के आने के बाद से ही लंबे समय से भारी विवाद चल रहा था. घटना की एक शाम पहले भी घर में दोनों पत्नियों और रामसिंह के बीच तीखी बहस हुई थी.
इसी विवाद के बाद पहली पत्नी सुनीता ने बदले की आग में अंधी होकर अपने ही परिवार को खत्म करने का फैसला कर लिया. सुनीता ने इस खौफनाक साजिश में अपनी बेटी सरिता और एक नाबालिग बेटे को भी शामिल किया. तीनों ने मिलकर घर के अंदर ही रामसिंह चौधरी, उनकी बुजुर्ग मां, सौतन सुर्या और महिमा पर धारदार हथियारों (Sharp Weapons) से ताबड़तोड़ हमला कर दिया और उन्हें बेरहमी से काट डाला.
लाशों को ठिकाने लगाने के लिए गाड़ी को फूंका
चारों की हत्या करने के बाद सुनीता और उसके बच्चों ने सबूत मिटाने की साजिश रची. उन्होंने चारों शवों को रामसिंह की ही स्कॉर्पियो कार में डाला. घर से करीब 500 मीटर दूर मुख्य सड़क पर ले जाकर गाड़ी को आग के हवाले कर दिया, ताकि दुनिया को यह एक सड़क हादसा और कार में आग लगने की घटना लगे.
पुलिस ने चंद घंटों में किया खुलासा
ग्रामीणों से मिली छोटी-छोटी सूचनाओं और कड़ियों को जोड़ते हुए अजमेर पुलिस ने महज कुछ ही घंटों के भीतर इस ब्लाइंड मर्डर का पर्दाफाश कर दिया. पुलिस ने मुख्य आरोपी पहली पत्नी सुनीता, उसकी बेटी सरिता और नाबालिग बेटे को हिरासत में ले लिया है और उनसे कड़ाई से पूछताछ की जा रही है. जिस गाड़ी को रामसिंह ने कभी बड़े शौक से खरीदा था, वही गाड़ी उनकी पहली पत्नी के हाथों उनकी और उनके परिवार की चिता बन गई.
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