Ajmer Murder Case: राजस्थान के अजमेर में एक महिला की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. आदर्श नगर थाना क्षेत्र में हुई यह मौत एक सोची-समझी वारदात थी. इस हत्याकांड की साजिश खुद महिला के पति ने रची थी. पुलिस के मुताबिक, मृतका के पति ने ही अपने दो किराएदारों के साथ मिलकर अपनी पत्नी को मौत के घाट उतार दिया. पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
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मामले का खुलासा मंगलवार को सीओ मनीष बड़गुर्जर ने किया. पुलिस ने अलवर निवासी हेमंत कुमार शर्मा (23) और नागौर निवासी विकास ठोलिया (19) को गिरफ्तार किया है. दोनों आरोपी महिला के घर में किराए पर रहते थे. पुलिस के अनुसार, दोनों युवकों ने चुन्नी से महिला का गला घोंटकर हत्या की. हेमंत प्राइवेट नौकरी करता है, जबकि विकास बीएड का छात्र है.
पोस्टमॉर्टम और कॉल डिटेल से खुला राज
15 जनवरी को महिला की लाश घर के अंदर संदिग्ध हालत में मिली थी. इसके बाद पुलिस ने विशेष टीम बनाकर जांच शुरू की. आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और सभी किराएदारों से पूछताछ की गई. मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड और लोकेशन की जांच में दोनों किराएदारों की भूमिका संदिग्ध लगी तो सख्ती से पूछताछ की गई तो आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी मौत का कारण गला दबाना बताया गया है. दोनों किराएदारों ने मृतक महिला के पति के कहने पर हत्या की थी. महिला की हत्या करने के बाद दोनों किराएदारों ने घर का ताला लगाकर अपने रूम में आ गए थे.
पति ने दूरी का झांसा दिया
भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी पति भागचंद रावत ने किराएदारों से कहा था कि वह उनसे करीब 1700 किलोमीटर दूर है. लेकिन पुलिस की जांच में पता चला कि वह अजमेर जिले के भिनाय क्षेत्र में ही मौजूद था और वहीं से कॉल कर रहा था.
हत्या के बाद गहने और मोबाइल दबाए
हत्या के बाद आरोपियों ने महिला के जेवरात और मोबाइल फोन घर के अंदर गड्ढा खोदकर छिपा दिए. जब महिला का बेटा अजय सिंह घर पहुंचा तो दोनों किराएदार अनजान बनने लगे. पुलिस को गुमराह करने के लिए एक आरोपी जानबूझकर एटीएम गया ताकि उसका सीसीटीवी फुटेज बन जाए और वह खुद को घटना के समय बाहर साबित कर सके.
अंतिम संस्कार में भी शामिल हुए आरोपी
जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी महिला को अस्पताल ले जाने, पोस्टमॉर्टम और अंतिम संस्कार तक बेटे के साथ मौजूद रहे. उन्होंने पूरी कोशिश की कि शक उन पर न जाए लेकिन टेक्निकली सबूतों के चलते वह पकड़े गए.
बेटे ने दर्ज कराई थी रिपोर्ट
मृतका के बेटे अजय सिंह रावत ने पुलिस को बताया कि 15 जनवरी को वह काम पर गया था. उसके पिता 31 दिसंबर को मां से झगड़ा कर घर छोड़ चुके थे. दिन में बहन का फोन आया कि मां से संपर्क नहीं हो पा रहा. घर पहुंचने पर दरवाजे बंद मिले. बाद में ताला तोड़कर अंदर गया तो रसोई में मां अचेत अवस्था में पड़ी थी. पुलिस अब आरोपी पति से पूछताछ की तैयारी कर रही है और पूरे मामले की गहराई से जांच जारी है.
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