Ajmer Pushkar Ghati road accident: राजस्थान के अजमेर से एक ऐसा रूह कंपा देने वाला भीषण सड़क हादसा सामने आया है. यहां अजमेर और पुष्कर को जोड़ने वाले खतरनाक घुमावदार पुष्कर घाटी मार्ग पर देर रात एक तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर कार काल बनकर दौड़ी. इस बेकाबू वीआईपी गाड़ी ने सड़क पर चल रही तीन मोटरसाइकिलों को बेरहमी से रौंद दिया. टक्कर इतनी भीषण थी कि एक युवक की मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए जो फिलहाल अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं. इस हादसे न सिर्फ कई परिवारों को तबाह कर दिया बल्कि कानून व्यवस्था और वीआईपी रसूख पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.
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प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, देर रात एक अत्यधिक तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर कार पुष्कर घाटी की तरफ से अजमेर की ओर आ रही थी. कार की स्पीड इतनी डरावनी थी कि घुमावदार मोड़ पर चालक वाहन से पूरी तरह नियंत्रण खो बैठा. इसके बाद कार ने सामने चल रही तीन मोटरसाइकिलों को अपनी चपेट में ले लिया. चश्मदीदों ने बताया कि टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार हवा में कई फीट दूर जाकर गिरे. सड़क पर चारों तरफ चीख-पुकार मच गई.
सुरक्षा दीवार तोड़कर खाई में लटकी कार
बाइकों को उड़ाने के बाद फॉर्च्यूनर कार सड़क किनारे बनी सुरक्षा दीवार (पुलिया) को तोड़ती हुई आधी खाई में लटक गई. अगर वह सुरक्षा दीवार नहीं होती तो कार पूरी तरह गहरी खाई में गिर जाती और हादसा और भी भयानक हो सकता था. हादसे के बाद कार में सवार कुछ लोग पैदल ही मौके से भाग निकले. स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े और घायलों को संभाला. सूचना मिलते ही अजमेर के पुलिस अधीक्षक (SP) हर्षवर्धन भारी पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे और घायलों को तुरंत अस्पताल भिजवाया.
खाटूश्याम मंदिर ट्रस्ट की निकली गाड़ी
पुलिस ने जब इस भीषण हादसे की जांच शुरू की तो एक बेहद चौंकाने वाला और हाई-प्रोफाइल खुलासा हुआ. जिस फॉर्च्यूनर कार से यह पूरा तांडव हुआ, वह राजस्थान के सुप्रसिद्ध 'श्री श्याम मंदिर कमेटी' (खाटूश्यामजी मंदिर ट्रस्ट) के नाम पर रजिस्टर्ड है. मामले में नया मोड़ तब आया जब सूत्रों के हवाले से यह खबर आई कि हादसे के वक्त इस वीआईपी कार में मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष शक्ति सिंह का चचेरा भाई दिग्विजय सिंह भी मौजूद था.
हंगामा तब और बढ़ गया जब पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त फॉर्च्यूनर कार की अंदर से तलाशी ली. कार का दरवाजा खोलते ही पुलिस के भी होश उड़ गए, क्योंकि गाड़ी के अंदर से शराब की बोतलें बरामद हुईं. पवित्र मंदिर ट्रस्ट की गाड़ी में शराब मिलने के बाद अब यह गंभीर सवाल उठ रहे हैं कि क्या कार चला रहे लोग भारी नशे में धुत थे? क्या वीआईपी रसूख, शराब के नशे और बेकाबू रफ्तार ने मिलकर एक बेकसूर की जान ले ली?
पुलिस हर एंगल से कर रही है जांच
अजमेर पुलिस हादसे की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अब हर पहलू से मामले की गहराई से तफ्तीश कर रही है. पुलिस घटना स्थल के पास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कार में सवार लोगों की मेडिकल जांच रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि चालक नशे में था या नहीं. फिलहाल इस हाई-प्रोफाइल एक्सीडेंट के बाद पूरे अजमेर और खाटू क्षेत्र में यह मामला भारी चर्चा का विषय बना हुआ है.
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