सफाईकर्मियों की नियुक्ति पर अलवर में घमासान! वन मंत्री संजय शर्मा धरने पर बैठे तो जूली बोले- सरकार नहीं सर्कस चल रहा

ललित यादव

• 03:41 PM • 12 Aug 2026

अलवर नगर निगम में सफाईकर्मियों को नियुक्ति पत्र नहीं मिलने पर वन मंत्री संजय शर्मा धरने पर बैठ गए. उन्होंने कलेक्टर और आयुक्त पर नाराजगी जताई. मामला 2012 की भर्ती से जुड़ा है. 329 अभ्यर्थियों को पात्र बताया गया है. मंत्री के धरने के बाद पांच नियुक्ति पत्र दिए गए.

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अलवर में सफाईकर्मियों की भर्ती को लेकर बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक बवाल खड़ा हो गया है. साल 2012 से अटकी नौकरी की मांग को लेकर राजस्थान के वन मंत्री संजय शर्मा खुद नगर निगम में धरने पर बैठ गए. उन्होंने अपनी ही सरकार की जिला कलेक्टर डॉ. अर्तिका शुक्ला और निगम कमिश्नर सोहन सिंह नरूका पर लापरवाही का आरोप लगाया. मंत्री ने साफ कहा कि जब तक योग्य अभ्यर्थियों को आज ही नियुक्ति पत्र नहीं दिए जाते, वे धरने से नहीं हटेंगे. बाद में अफसरों को खुद मौके पर आकर नियुक्ति पत्र सौंपने पड़े, तब जाकर मामला शांत हुआ.

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14 साल पुराना है भर्ती का विवाद

यह पूरा मामला 2012 की सफाई कर्मचारी भर्ती से जुड़ा है. हाई कोर्ट से अभ्यर्थियों के हक में फैसला आने के बाद स्वायत्त शासन विभाग (DLB) ने 329 अभ्यर्थियों को पात्र घोषित कर दिया था. इसके बावजूद नगर निगम के अधिकारी जॉइनिंग देने में टालमटोल कर रहे थे. महीनों से फाइल दबाकर रखी गई थी. जब कमिश्नर के तबादले का आदेश आया, तो अभ्यर्थियों के सब्र का बांध टूट गया और वे प्रदर्शन करने लगे.

अधिकारियों पर भड़के मंत्री संजय शर्मा

कर्मचारियों की शिकायत पर वन मंत्री संजय शर्मा खुद नगर निगम पहुंचे और अधिकारियों को जमकर आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि जनता ने जनप्रतिनिधियों को चुना है, अफसरों को नहीं. मंत्री ने कलेक्टर और कमिश्नर पर तीखा गुस्सा जताते हुए कहा कि जब तक गरीब कर्मचारियों को उनका हक नहीं मिलेगा, वे पीछे नहीं हटेंगे.

धरने पर पहुंचे कांग्रेस नेता 

मंत्री के धरने पर बैठते ही कांग्रेस नेता भी मौके पर पहुंच गए. इस दौरान बीजेपी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में श्रेय लेने को लेकर कहासुनी भी हुई. उधर, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि इस राज में मंत्री बेबस हैं और सिर्फ अफसरों की मनमर्जी चल रही है.

अफसरों ने दिए नियुक्ति पत्र

मामला बढ़ता देख जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आया. एडीएम योगेश डागुर और निगम आयुक्त खुद धरना स्थल पर नियुक्ति पत्र लेकर पहुंचे. मंत्री संजय शर्मा ने कर्मचारी नेताओं को अपने हाथों से पांच नियुक्ति पत्र सौंपे और बाकी पात्र अभ्यर्थियों को जल्द नौकरी देने की हिदायत दी. इसके बाद मंत्री ने अपना धरना खत्म किया.

टीकाराम जूली ने भाजपा सरकार को घेरा

मामले को लेकर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी भाजपा सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र नहीं मिल रहे हैं और सरकार के मंत्री को ही अपनी सरकार के अधिकारियों के खिलाफ धरने पर बैठना पड़ा.

जूली ने आरोप लगाया कि सरकार में अधिकारियों का दबदबा बढ़ गया है. उन्होंने सवाल उठाया कि जब मंत्री की बात नहीं सुनी जा रही है तो आम जनता की सुनवाई कैसे होगी.

फिलहाल पांच नियुक्ति पत्र दिए जाने के बाद मामला कुछ शांत हुआ है. अब बाकी पात्र सफाई कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र कब मिलते हैं, इस पर नजर बनी हुई है.

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