दिल्ली कोचिंग हादसे के बीच Drishti IAS के मालिक विकास दिव्यकीर्ति की आई पहली प्रतिक्रिया, बोले- 'बलि का बकरा...' 

राजस्थान तक

• 11:04 AM • 31 Jul 2024

Drishti IAS owner Vikas Divyakirti Statement: दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर में UPSC छात्रों के साथ हुए हादसे के बाद पहली बार दृष्टि आईएएस कोचिंग के डायरेक्टर विकास दिव्यकीर्ति का बयान आया है. एनएनआई से बातचीत करते हुए विकास दिव्यकीर्ति ने कहा कि ऐसे केस में एक बलि का बकरा चाहिए था.

Vikas Divyakirti
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Drishti IAS owner Vikas Divyakirti Statement: दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर में UPSC छात्रों के साथ हुए हादसे के बाद पहली बार दृष्टि आईएएस कोचिंग के डायरेक्टर विकास दिव्यकीर्ति का बयान आया है. एनएनआई से बातचीत करते हुए विकास दिव्यकीर्ति ने कहा कि ऐसे केस में एक बलि का बकरा चाहिए था.

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विकास दिव्यकीर्ति ने कहा, "मुझे निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि ऐसे मामलों में हर कोई बलि का बकरा चाहता है. इससे प्रशासन के लिए चीजें आसान हो जाती हैं, उन्हें लगता है कि वे सुरक्षित हैं, उस एक व्यक्ति को पीड़ित होने दें, और यहां तक ​​कि समाज को भी लगता है कि उन्होंने आरोपी को पकड़ लिया है...छात्र भावनात्मक उथल-पुथल से गुजर रहे हैं, उनके गुस्से का कारण यह है कि मैं उनके साथ क्यों नहीं खड़ा हुआ. 50 से अधिक संस्थानों पर सीलिंग की कार्रवाई हुई. उनमें से एक हमारा भी है. 3 बच्चों की मौत हो गई, यह एक दर्दनाक मौत थी." 

बच्चों से भी मिलूंगा

दिव्यकीर्ति ने कहा, "पिछले 3 दिनों से जब भी हम घर पर बात करते हैं या मैं सोने जाता हूं, तो मेरे दिमाग में एक छवि आती है कि जब पानी अंदर भर गया था तो उन बच्चों पर क्या गुजरी होगी...प्रदर्शन कर रहे छात्रों द्वारा कही गई सभी बातें सही हैं,  मैं आज 3-4 छात्रों से मिला हूं. कई संस्थानों के मालिक, दिल्ली सरकार के बड़े अधिकारी भी थे, डीडीए, एमसीडी, अग्निशमन विभाग, मुख्य सचिव समेत सभी अधिकारियों से बातचीत हुई है. इस दौरान बच्चों से बातचीत हुई है. आजकल में मैं बच्चों से भी मिलूंगा". 

वर्चुएल मॉब लीचिंग जैसा

सोशल मीडिया पर टारगेट किए जाने पर दिव्यकीर्ति ने कहा, यह एक तरह से वर्चुएल मॉब लीचिंग जैसा है. इससे लोगों को सुख मिलता है. मेरे पीछे जो भी पड़े हैं, उनकी सबकी अलग-अलग वजहें हैं. लोगों का गुस्सा सही है, लोग जानना चाहते हैं कि मैंने कोई टिप्पणी करने में देरी क्यों की, इस पर दिव्यकीर्ति ने कहा, इसकी दो वजह हैं, पहली मेरा स्वभाव, क्योंकि मैं भावनात्मक मामलों में बहुत मुखर नहीं हूं. पिछले 2 दिनों में जो हो रहा है उससे मैं बिल्कुल परेशान नहीं हूं, मुझे चिंता है जब पानी भरा होगा तो बच्चों पर क्या बीती होगी. 

दृष्टि के सील होने पर बोले

उन्होंने कहा, नियमों के स्तर पर चूक हुई है लेकिन हमारी नियत खराब नहीं थी. दिल्ली में 2000 कोचिंग संस्थान हैं. फायर एनओसी फॉर एजुकेशन बिल्डिंग एक के पास भी नहीं है. हमारी एक बेसमेंट सील हुई है. जो कि बेसमेंट अप्रूव हैं. वहीं नेहरू विहार की बेसमेंट मॉल की बेसमेंट है, जिसमें 7 एग्जिट गेट हैं. वो बेसमेंट दिल्ली के सबसे सेफ बिल्डिंग में से एक है.