'मेरे और अध्यक्ष जी के बीच कोई नाराजगी नहीं', डोटासरा पर तंज के बाद अशोक गहलोत का बड़ा बयान

न्यूज तक डेस्क

• 09:09 AM • 02 Aug 2026

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश कांग्रेस में गोविंद सिंह डोटासरा के साथ मनमुटाव की खबरों को पूरी तरह खारिज किया है. गहलोत ने कहा कि उनके और प्रदेश अध्यक्ष के बीच कोई नाराजगी नहीं है.

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हेडिंग: डोटासरा से मनमुटाव पर अशोक गहलोत का बड़ा बयान, बोले- 'अध्यक्ष जी और मेरे बीच कोई नाराजगी नहीं, हम सब एकजुट हैं'

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राजस्थान कांग्रेस में अंदरूनी कलह और प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के साथ मतभेद की खबरों के बीच पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बड़ा बयान दिया है. गहलोत ने स्पष्ट कहा कि उनके और डोटासरा के बीच किसी तरह की कोई नाराजगी नहीं है और पूरी पार्टी एक होकर चुनाव लड़ेगी. इसके साथ ही उन्होंने राज्य की भाजपा सरकार पर शासन चलाने में पूरी तरह नाकाम रहने का आरोप लगाया.

बांसवाड़ा से आए कार्यकर्ताओं की मुलाकात पर दी सफाई

बांसवाड़ा से जयपुर आए आदिवासी कार्यकर्ताओं की मुलाकात पर उठे सवालों का जवाब देते हुए गहलोत ने कहा कि वे कार्यकर्ताओं को इतनी दूर आने के लिए हमेशा मना करते हैं.

गहलोत ने बताया, "20-25 दिनों से बात चल रही थी, लेकिन जब महेंद्रजीत सिंह मालवीय ने बार-बार आग्रह किया, तब मैंने मिलने की सहमति दी. वे केवल आशीर्वाद लेने आए थे, इसमें किसी जॉइनिंग या नाराजगी की बात ही नहीं थी."

'मीडिया माहौल बिगाड़ने की कोशिश न करे'

गहलोत ने मीडिया पर चुटकी लेते हुए कहा कि कुछ लोग नेताओं के बीच मतभेद पैदा करने का माहौल बनाते हैं. उन्होंने कहा, "आप लोग जितने भी सवाल पूछ लें, हमसे ऐसा कुछ नहीं निकलेगा जिससे आपस में लड़ाई बढ़े. देश को कांग्रेस की जरूरत है. राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में पूरी कांग्रेस एकजुट है और हम राजस्थान में फिर सरकार बनाएंगे."

भजनलाल सरकार पर साधा निशाना

राजस्थान की मौजूदा स्थिति पर बात करते हुए अशोक गहलोत ने राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है कि सरकार बनने के 2-3 महीनों के भीतर ही जनता कुशासन की बात करने लगी है.

गहलोत ने लगाए आरोप

गहलोत ने कहा, प्रदेश में डकैती, फायरिंग और महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं. अस्पतालों में मुफ्त इलाज की व्यवस्था कमजोर पड़ गई है और स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं. सरकारी विभागों में भुगतान रुके हुए हैं और भ्रष्टाचार चरम पर है.