राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर पेपर लीक और RPSC में धांधली का मुद्दा गरमा गया है. पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत के जयपुर स्थित आवास पर कार्यकर्ताओं का एक बड़ा समूह पहुंचा, जिसमें कुछ ऐसे चेहरे भी नजर आए जिनका नाम पेपर लीक और ईडी की जांच की आंच में उछल चुका है.
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तस्वीरों में कांग्रेस नेता दिनेश खोडनिया और महेंद्रजीत सिंह मालवीय समर्थकों के साथ गहलोत के निवास पर दिखाई दिए. गौरतलब है कि RPSC के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा ने जांच एजेंसियों की पूछताछ में दिनेश खोडनिया का जिक्र किया था. हालांकि, खोडनिया इन आरोपों को खारिज करते रहे हैं, लेकिन गहलोत के घर हुई इस मुलाकात और नारेबाजी ने कई सियासी सवाल खड़े कर दिए हैं.
'कठोर कानून से बंद हुआ पेपर लीक' गहलोत का दावा
मीडिया और समर्थकों से बातचीत के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपनी सरकार के दौरान बनाए गए सख्त कानूनों का बचाव किया. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार द्वारा पास किए गए कड़े प्रावधानों की वजह से ही राज्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगी थी. उन्होंने मौजूदा सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि उनकी सरकार के फैसलों का गलत श्रेय लेने की कोशिश की जा रही है.
ओएमआर शीट और अंक बढ़ाने के आरोपों पर भी बवाल
रिपोर्ट के मुताबिक, राजस्थान में RPSC परीक्षाओं की निष्पक्षता पर लगातार सवाल उठते रहे हैं. झारखंड और अन्य राज्यों में कॉपियों के अंक बढ़ाने और ओएमआर शीट में हेरफेर के मामलों का हवाला देते हुए राज्य में भी RPSC परीक्षा 2016, 2018 और 2021 की निष्पक्षता पर सवाल दागे गए हैं.
दूसरी ओर, युवाओं और अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकारें बदलने के बावजूद पेपर लीक के मुख्य आरोपियों और मास्टरमाइंड पर सख्त कार्रवाई धीमी गति से चल रही है, जिससे अभ्यर्थियों में निराशा है.
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