Baba balaknath vs Maman yadav: राजस्थान विधानसभा चुनाव (rajasthan assembly election) के लिए बीजेपी ने पहली लिस्ट जारी करके सियासी बढ़त लेने की कोशिश तो की. लेकिन यही लिस्ट अब पार्टी के लिए गले की फांस भी बनती नजर आ रही है. बीजेपी (bjp) ने 7 सांसदों को टिकट देकर नया दांव चला है. जिसके बाद दीया कुमारी, राज्यवर्धन सिंह राठौड़ समेत कई नेताओं के विरोध में कार्यकर्ता सड़कों पर भी उतर गए हैं. ऐसा ही विरोध अलवर की तिजारा विधानसभा में देखने को मिल रहा है, जहां बीजेपी प्रत्याशी और सांसद बाबा बालकनाथ (Baba Balaknath) के खिलाफ बगावत शुरू हो गई है. यहां से पूर्व विधायक रहे मामन यादव नें निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है.
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बागी नेता का कहना है कि सभी लोगों ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में उन्हें मैदान में उतारा है और यहां बालक नाथ को तिजारा की जनता पर पार्टी पर थोपा गया है. इसलिए उन्हें चुनाव इसका खामियाजा भाजपा को भुगतना होगा.
खास बात यह है कि बालकनाथ को राजस्थान का योगी भी कहा जाता है. यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ की तरह ही बालकनाथ को भी हिंदुत्व का फायर ब्रांड नेता माना जाता हैं. ऐसे में कई बार बालकनाथ को सीएम फेस के तौर पर भी देखा जाता है. लेकिन इस बार विधानसभा में टिकट देने के साथ ही उनके लिए मुश्किलें भी बढ़ गई हैं.
हर बूथ से 1-1 वोट बालकनाथ को मिले- मामन यादव
इस दौरान मामन सिंह यादव ने भावुक होते हुए कहा कि मैंने पूर्व विधायक रहते हुए भी एक नया पैसा नहीं कमाया, अपनी बेटी की शादी भी पुस्तैनी जमीन बेच कर की. इस बार मुझे बर्बाद मत कर देना. अगर तिजारा क्षेत्र मुझे वोट दे तो ही मुझे उम्मीदवार के रूप में उतारने की बात करना. मामन सिंह यादव ने लोगों से निवेदन किया कि इस चुनाव में बाबा बालक नाथ को हर बूथ से मात्र एक-एक वोट ही जाना चाहिए वह भी उनके महाराज और साधु होने के नाम पर. पूरे तिजारा क्षेत्र में बाबा जी को वोट नहीं मिलना चाहिए.
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