योग गुरु बाबा रामदेव अपने एक विवादित बयान को लेकर एक बार फिर सुर्खियों में हैं. राजस्थान के कोटा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बाबा रामदेव ने मंच से कुछ ऐसी बातें कहीं, जिससे सोशल मीडिया पर नाराजगी देखी जा रही है. उन्होंने बच्चों की शिक्षा और गौ सेवा को लेकर सीधे तौर पर लोगों के 'डीएनए' और सनातनी होने पर सवाल उठा दिए हैं. फिलहाल यह वीडियो जमकर वायरल हो रहा है. आइए विस्तार से जानते हैं क्या है पूरा मामला.
ADVERTISEMENT
क्या कहा बाबा रामदेव ने?
कोटा के रामगंज मंडी में धीरेंद्र शास्त्री की श्रीराम कथा के दौरान बाबा रामदेव भी मंच पर मौजूद थे. वहां उन्होंने माइक थामते ही तीखे शब्दों का इस्तेमाल किया. रामदेव ने कहा, 'जो गौ माता की सेवा नहीं करते, वो सनातनी हिंदुओं के नाम पर कलंक हैं. दूसरी बात, जो अपने बच्चों को गुरुकुल में नहीं पढ़ाते, वो भी अंग्रेजों और मुगलों की औलाद हैं.'
माता-पिता के डीएनए पर उठाए सवाल
बाबा रामदेव के इस बयान के बाद सवाल उठने लगे हैं कि क्या शिक्षा के माध्यम को लेकर माता-पिता के पूर्वजों पर इस तरह की टिप्पणी करना सही है? वीडियो में यह भी सवाल उठाया गया है कि गुरुकुल में शिक्षा की सलाह देना अच्छी बात है, लेकिन इसके लिए देश के आम नागरिकों को अंग्रेजों या मुगलों की संतान बताना कितना जायज है.
धीरेंद्र शास्त्री ने दी 'लव जिहाद' पर सलाह
इसी मंच से कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भी बेटियों की सुरक्षा और सनातन धर्म को लेकर अपनी बात रखी. उन्होंने बेटियों को लव जिहाद से बचने की सलाह देते हुए कहा, 'बेटियों से कहो, तू दुर्गा बन, तू काली बन, पर कभी न बुर्के वाली बन.' उन्होंने गाय, गंगा और गीता के साथ-साथ बेटियों ('गौरी') को बचाने का भी संदेश दिया.
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
बाबा रामदेव का यह बयान अब तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. लोग उनके मुगलों और अंग्रेजों की औलाद वाले बयान पर कड़ी आपत्ति जता रहे हैं. राजनीतिक गलियारों और आम जनता के बीच इस बात की चर्चा है कि क्या खुद को योग गुरु कहने वाले व्यक्ति को सार्वजनिक मंच से ऐसी भाषा शोभा देती है.
यहां देखें वीडियो
ADVERTISEMENT

