राजस्थान में निकाय चुनाव से पहले हलचल! सीएम भजनलाल का अचानक दिल्ली दौरा, अधिकारियों के सर्वे पर डोटासरा का निशाना

न्यूज तक डेस्क

• 09:00 AM • 28 Aug 2026

राजस्थान निकाय चुनाव से पहले सियासी सरगर्मी बढ़ गई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा अचानक दिल्ली पहुंचे हैं, जहां विकास योजनाओं और चुनावी फीडबैक पर चर्चा जारी है. वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष डोटासरा ने आरोप लगाया कि बीजेपी अधिकारियों से सर्वे करवाकर टिकट बांट रही है.

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राजस्थान में निकाय चुनाव से ठीक पहले सियासी हलचल तेज हो गई है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा अचानक दिल्ली दौरे पर पहुंचे हैं, जिसे लेकर गलियारों में तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने बीजेपी सरकार पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि पार्टी अपने नेताओं को दरकिनार कर अधिकारियों (SDM/ADM) से गुप्त सर्वे करवाकर टिकट बांटने की तैयारी कर रही है.

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा रक्षाबंधन से ठीक पहले दिल्ली पहुंचे हैं. आधिकारिक तौर पर कहा जा रहा है कि यह दौरा राज्य के विकास कार्यों, केंद्रीय बजट और यमुना जल समझौते को लागू कराने के सिलसिले में है, ताकि शेखावाटी इलाके में पंचायत और निकाय चुनाव में इसका फायदा मिले. साथ ही राज्य के सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे को लेकर मिले ₹1250 करोड़ के पैकेज पर भी चर्चा संभव है. हालांकि, माना जा रहा है कि निकाय चुनाव में प्रत्याशियों के चयन और 27-28 तारीख को होने वाले नामों के ऐलान से पहले बीजेपी आलाकमान से फीडबैक साझा किया जा रहा है.

दूसरी ओर, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने बीजेपी की चुनावी रणनीति पर तीखा हमला बोला है. डोटासरा का दावा है कि बीजेपी का अपने कार्यकर्ताओं से विश्वास उठ चुका है और अधिकारी फोन करके पूछ रहे हैं कि कौन सा प्रत्याशी जीतने वाला है. डोटासरा ने कहा कि अधिकारी सत्ता में बैठे लोगों को हमेशा झूठी रिपोर्ट देते हैं, जैसा पूर्व में भी देखा गया है.

कांग्रेस के खेमे में चुनावी उत्साह देखने को मिल रहा है. पार्टी के वॉर रूम में अब तक 4,000 से ज्यादा आवेदन (बायोडाटा) आ चुके हैं. हालांकि, अंदरखाने टिकट बंटवारे को लेकर गहलोत और पायलट खेमे का गणित भी हावी दिख रहा है. बाड़मेर में लंबे समय बाद पूर्व विधायक मेवाराम जैन की जिला कांग्रेस कार्यालय में वापसी हुई है, जहां उन्होंने एकजुटता का संदेश दिया है. वहीं, दूसरी ओर सचिन पायलट के आवास पर भी समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ रही है, जिसे डोटासरा और गहलोत के यहां लगी बायोडाटा की कतारों से अलग समर्थकों के उत्साह के रूप में देखा जा रहा है.