राजस्थान की सियासत में इन दिनों बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं. एक तरफ जहां मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा युवाओं को रिकॉर्ड सरकारी नौकरियां देकर और पानी-बिजली जैसी बुनियादी समस्याओं का समाधान कर फ्रंटफुट पर खेल रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के बीच जारी अंदरूनी खींचतान और जातिगत समीकरणों का सीधा फायदा भारतीय जनता पार्टी (BJP) को मिलता दिख रहा है. दिल्ली दौरे से लौटने के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर है और सरकार लगातार युवाओं के हित में बड़े फैसले ले रही है.
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भजनलाल सरकार में नौकरियों की बहार
राजस्थान में इस समय युवाओं और बेरोजगारों के लिए राहत भरी खबर है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने साफ किया है कि उनकी सरकार ने युवाओं से किया हर वादा पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं. सरकार का दावा है कि वादे के मुताबिक 4 लाख नौकरियों में से करीब सवा लाख नौकरियां दी जा चुकी हैं और आगामी 4 तारीख को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजस्थान आगमन पर बड़े स्तर पर नियुक्ति पत्र बांटे जाएंगे. युवाओं के बीच सबसे बड़ी राहत यह है कि अब प्रदेश में परीक्षाओं के दौरान पेपर लीक जैसी घटनाएं पूरी तरह थम चुकी हैं, जिससे योग्य अभ्यर्थियों को उनकी मेहनत का फल मिल रहा है.
बिजली और पानी के संकट का स्थाई समाधान
मुख्यमंत्री ने अपनी उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि ढाई साल के भीतर राजस्थान में बिजली की व्यवस्था में अभूतपूर्व सुधार हुआ है. संकल्प पत्र के मुताबिक साल 2027 तक किसानों को दिन में बिजली देने का वादा था, लेकिन सरकार ने पहले ही 26 जिलों में दिन के समय बिजली देना शुरू कर दिया है. इसके अलावा, पूर्वी राजस्थान के लिए ईआरसीपी (ERCP), शेखावाटी के लिए यमुना जल समझौता और मेवाड़ के लिए देवास स्कीम जैसी बड़ी पेयजल व सिंचाई परियोजनाओं पर युद्ध स्तर पर काम चल रहा है, जिससे आने वाले समय में पानी का संकट हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा.
हनुमान बेनीवाल का जाट वोट-बैंक पर निशाना
राजनीतिक मोर्चे पर बात करें तो किरोड़ी लाल मीणा और गोविंद सिंह डोटासरा के बीच का विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है, जिसका सीधा राजनीतिक लाभ बीजेपी को मिल रहा है. वहीं, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल ने भरतपुर दौरे के दौरान बीजेपी के जाट नेताओं को साफा बांधने से मना कर दिया, जिसे बीजेपी के पारंपरिक जाट वोट-बैंक पर एक बड़े सियासी हमले के रूप में देखा जा रहा है.
दिलचस्प बात यह है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी सार्वजनिक मंचों से सीएम भजनलाल शर्मा की सादगी और सीधेपन की तारीफ कर रहे हैं, जो कहीं न कहीं कांग्रेस के भीतर बढ़ते असंतोष और खतरे की घंटी की ओर इशारा करता है.
भर्ती परीक्षाओं के परिणामों को लेकर बड़ा अपडेट
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड और अन्य विभागों की ओर से अटकी हुई भर्तियों को लेकर भी बड़ी खुशखबरी है.
लाइब्रेरियन भर्ती परीक्षा के करीब 117-118 संदिग्ध सर्टिफिकेट्स की जांच प्रक्रिया जारी है. उम्मीद है कि जुलाई के मध्य तक यह जांच पूरी हो जाएगी और जुलाई महीने के अंत तक इसका फाइनल रिजल्ट घोषित कर दिया जाएगा.
कोर्ट खुलते ही सरकार पहली सूची जारी करने के लिए अदालत से अनुमति मांगेगी. उम्मीद है कि एक सप्ताह के भीतर कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद अगले एक से दो महीने के भीतर सभी रुके हुए परिणाम और नियुक्तियों की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी.
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