भंवरी देवी की हत्या के 20 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली, फलौदी में जनसैलाब का फूटा गुस्सा

नरेश बिश्नोई

• 10:49 AM • 20 Aug 2026

फलौदी (राजस्थान) में भंवरी देवी हत्याकांड के 20 दिन बाद भी मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से बिश्नोई समाज और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है. उग्र प्रदर्शनकारियों ने फलौदी के बाजार बंद रखकर जिला कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया है और जल्द कार्रवाई न होने पर जयपुर तक पैदल कूच का अल्टीमेटम दिया है.

भंवरी देवी
भंवरी देवी
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राजस्थान के फलौदी जिले के लोहावट में हुए भंवरी देवी बिश्नोई हत्याकांड को 20 दिन से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं . हत्याकांड के इतने दिन बीत जाने के बावजूद मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से स्थानीय लोगों और बिश्नोई समाज में गहरा आक्रोश है. पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली से नाराज हजारों लोगों ने फलौदी जिला मुख्यालय का घेराव कर उग्र प्रदर्शन किया और मामले को दबाने का आरोप लगाया.

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जिला कलेक्टर कार्यालय का घेराव, बाजार रहे बंद

फलौदी जिला मुख्यालय पर मंगलवार और बुधवार को विरोध प्रदर्शन का दौर जारी रहा. प्रदर्शन में हजारों की संख्या में पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया . इस दौरान फलौदी के स्थानीय व्यापारियों ने अपना समर्थन देते हुए बाजार और व्यावसायिक प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद रखे . प्रदर्शनकारियों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर जल्द से जल्द हत्यारों को गिरफ्तार करने और पूरे घटनाक्रम का निष्पक्ष पर्दाफाश करने की मांग की .

पूर्व विधायक कृष्णाराम बिश्नोई के गंभीर आरोप

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे पूर्व विधायक कृष्णाराम बिश्नोई ने राज्य सरकार और स्थानीय पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए . उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन इस मामले में बेहद असंवेदनशील बने हुए हैं .

कृष्णाराम बिश्नोई ने सीधे तौर पर लोहावट थानाधिकारी (SHO) भवानी सिंह और डीवाईएसपी (DySP) पर जांच को प्रभावित करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, "थाना अधिकारी की शुरुआत से ही घोर लापरवाही रही है . थाने के सामने 20 हजार लोगों की मौजूदगी में चाकू चले और अधिकारी मूकदर्शक बने रहे. जब तक थानाधिकारी और डीवाईएसपी को जांच से हटाया नहीं जाता, तब तक मामले का निष्पक्ष खुलासा संभव नहीं है.'

महापड़ाव और जयपुर तक पैदल कूच की चेतावनी

जिला कलेक्टर और पुलिस प्रशासन के साथ हुई वार्ता में थानाधिकारी को एसआईटी (SIT) से हटाने की सहमति तो बनी, लेकिन प्रशासन की ओर से लोहावट में चल रहा धरना समाप्त करने की शर्त रखी गई, जिसे आंदोलनकारियों ने खारिज कर दिया . पूर्व विधायक ने स्पष्ट किया कि जब तक भंवरी देवी को न्याय नहीं मिलता और हत्यारे सलाखों के पीछे नहीं जाते, लोहावट में धरना जारी रहेगा.

इसके साथ ही आंदोलनकारियों ने क्रमिक अनशन शुरू करने और फलौदी से जयपुर तक पैदल मार्च (जयपुर कूच) का ऐलान किया है. यह पैदल यात्रा वाया चाडी, नागौर और कुचामन होते हुए जयपुर पहुंचेगी.

"मेरी मां को न्याय दो" - मासूम सोनू की भावुक अपील

प्रदर्शन के दौरान भंवरी देवी की मासूम बेटी सोनू की रो-रोकर की गई अपील ने वहां मौजूद हर किसी की आंखें नम कर दीं . हाथ में तख्ती लिए मासूम बेटी बार-बार "मेरी मां को न्याय दो" के नारे लगा रही थी . मासूम की इस दर्दभरी अपील का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे जनता का गुस्सा और बढ़ता जा रहा है .

ब्लाइंड मर्डर केस, हर एंगल से जांच जारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए गठित एसआईटी (SIT) के प्रमुख डीआईजी देवेंद्र बिश्नोई ने बताया कि पुलिस इस पूरे घटनाक्रम को अत्यंत गंभीरता से ले रही है [07:46] . उन्होंने कहा कि यह एक 'ब्लाइंड मर्डर' केस है और पुलिस हर संभावित पहलू पर गहन जांच कर रही है . कई संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है, लेकिन अभी तक कोई ठोस सबूत (Concrete Evidence) हाथ नहीं लगा है. उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही घटना का राजफाश कर दिया जाएगा.

राजनीतिक गरमाहट, विपक्ष ने सरकार को घेरा

भंवरी देवी हत्याकांड को लेकर राजस्थान की राजनीति भी गरमा गई है. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल सहित विपक्ष के तमाम प्रमुख नेताओं ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए राजस्थान सरकार को घेरा है और अविलंब निष्पक्ष जांच कर आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है.

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