राजस्थान के बीकानेर में स्थित पीबीएम (PBM) अस्पताल इस समय विवादों के घेरे में है. अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद 6 महिलाओं की तबीयत अचानक बेहद खराब हो गई. इस संवेदनशील घटना के बाद जहां एक तरफ मरीजों के परिजन परेशान हैं, वहीं दूसरी तरफ इस मामले में प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने एक ऐसा विवादित बयान दिया है, जिसके बाद पूरे राजस्थान में सियासी हंगामा खड़ा हो गया है.
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ऑपरेशन के बाद प्रसूताओं की बिगड़ी तबीयत
यह पूरा मामला बुधवार को शुरू हुआ जब बीकानेर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल PBM में सी-सेक्शन (सिजेरियन डिलीवरी) के बाद 6 गर्भवती महिलाओं की हालत गंभीर हो गई. डॉक्टरों के मुताबिक, इन महिलाओं को किडनी से जुड़ी गंभीर समस्याएं होने लगीं. मामला बढ़ता देख अस्पताल प्रशासन ने तुरंत एक जांच कमेटी बनाई. इस बीच, स्थिति का जायजा लेने के लिए राज्य के स्वास्थ्य मंत्री खुद बीकानेर पहुंचे.
स्वास्थ्य मंत्री के बयान पर मचा बवाल
स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने अस्पताल में भर्ती मरीजों की स्थिति की जानकारी ली और अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी. हालांकि निरीक्षण के दौरान मीडिया से बातचीत में दिया गया उनका एक बयान विवाद का कारण बन गया.
जब पत्रकारों ने मत्री से पूछा कि महिलाओं की डिलीवरी के 2-3 घंटे बाद तबीयत बिगड़ गई, इस पर आपका क्या कहना है. इस पर मंत्री खींवसर ने कहा, इन महिलाओं में से सभी की तबीयत पहले से सही नहीं थी. इसके बाद उन्होंने सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. सुरेंद्र वर्मा से कहा - "आप ही बताइए कैसी हालत में आई थी, पैदल चलकर नाचती आईं थी या बीमार होकर आई थी."
विपक्ष का तीखा हमला: 'सत्ता के नशे में हैं मंत्री'
मंत्री का यह बयान सोशल मीडिया पर आते ही वायरल हो गया और विपक्ष ने सरकार को आड़े हाथों लिया. राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के प्रमुख और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और पीएमओ (PMO) को टैग करते हुए इस पर कड़ी आपत्ति जताई. बेनीवाल ने कहा कि जिस मंत्री पर राज्य की माताओं-बहनों की सुरक्षा की जिम्मेदारी है, उनका ऐसा बयान बेहद शर्मनाक है. यह भाजपा सरकार की संवेदनहीन सोच को दिखाता है. उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि मंत्री को इस व्यवहार के लिए जनता से माफी मांगनी चाहिए.
अस्पताल के बाहर लाठीचार्ज और हंगामा
एक तरफ जहां बयानबाजी का दौर चल रहा था, वहीं अस्पताल परिसर के बाहर माहौल हिंसक हो गया. स्वास्थ्य मंत्री के दौरे के समय युवा कांग्रेस और महिला कांग्रेस के कार्यकर्ता अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गए. जब कार्यकर्ताओं ने अस्पताल परिसर में घुसने का प्रयास किया तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए लाठीचार्ज कर दिया. इस दौरान धक्का-मुक्की में कई महिला कार्यकर्ता सड़क पर गिर गईं. पुलिस ने युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष भंवर कूकणा सहित कई नेताओं को हिरासत में ले लिया है.
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