बीजेपी के लगातार हमलों के बाद लाल डायरी को लेकर अब गहलोत ने दिया खुला चैलेंज, कही ये बात

राजस्थान तक

• 12:14 PM • 18 Nov 2023

Ashok gehlot on lal dairy: लाल डायरी (lal dairy) के मुद्दे पर बीजेपी (bjp) के लगातार जुबानी हमले के बाद अब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (ashok gehlot) ने भी जवाब दिया है. उन्होंने बीजेपी को खुला चैलेंज ही दे दिया है. साथ ही इसे जुमला और मजाक तक बता दिया. यह तमाम बातें उन्होंने इंडिया टुडे ग्रुप […]

NewsTak
Google CTA

Ashok gehlot on lal dairy: लाल डायरी (lal dairy) के मुद्दे पर बीजेपी (bjp) के लगातार जुबानी हमले के बाद अब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (ashok gehlot) ने भी जवाब दिया है. उन्होंने बीजेपी को खुला चैलेंज ही दे दिया है. साथ ही इसे जुमला और मजाक तक बता दिया. यह तमाम बातें उन्होंने इंडिया टुडे ग्रुप के कंसल्टिंग एडिटर राजदीप सरदेसाई के साथ खास बातचीत में कही.

Read more!

विमान में उदयपुर जा रहे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से लाल डायरी के अलावा फेसवॉर, कन्हैया लाल हत्याकांड, राजस्थान में बीजेपी का हिंदू कार्ड, कांग्रेस विधायकों के लिए चुनाव विरोधी लहर, राजस्थान चुनाव में मोदी बनाम गहलोत जैसे तमाम सवाल पूछे. सीएम गहलोत ने इन सवालों का बेबाकी से जवाब दिया.

लाल डायरी के सवाल पर उन्होंने कहा कि लाल डायरी जैसी कोई चीज है ही नहीं. मजाक है ये. लाल डायरी एक जुमला है.यह गृह मंत्रालय भारत सरकार में बनी स्कीम है. उन्होंने कहा कि मैं चैलेंज दे रहा हूं, कोई डायरी है और उसमें लेन-देन की बात है तो ईडी को छिटपुट रेड मारने की बजाय सीधे लाल डायरी पकड़ी चाहिए. उसको लेकर मुकदमा दर्ज करना चाहिए. ईडी लाल डायरी को लेकर मुख्यमंत्री पर मुकदमा दर्ज क्यों नहीं करती है.

कन्हैयालाल के हत्यारों का संबंध बीजेपी से

कन्हैयालाल हत्याकांड और बीजेपी के आरोपों पर गहलोत ने उल्टे मुख्य विपक्षी पार्टी पर ही हमला साधा. उन्होंने कहा- ‘कन्हैया लाल को जो मारने वाले थे, इनका संबंध बीजेपी से है. ये लोग पहले दूसरे मामले में पकड़े गए थे. तब बीजेपी ने इनको थानों से छुड़ाया था. जब ये हज करके आए तो बीजेपी वालों ने इनका स्वागत किया.’ वहीं, एनआईए की कार्रवाई पर भी उन्होंने सवाल किया. सीएम ने कहाकि जैसे ही घटना हुई हमने आरोपियों को 2 घंटे में पकड़ लिया. इधर केस तुरंत NIA ने ले लिया. आज चुनाव आ गए हैं तब तक कोई बता नहीं रहा कि कार्रवाई क्या की है? ताकि केस खींचकर चुनाव के वक्त इसे इनकैश कर सकें. सांप्रदायिकता की बात करके इसे इनकैश कर सकें.