कांग्रेस विधायक का बयान- अशोक गहलोत और सचिन पायलट के पचड़े में ना पड़े, जानिए क्या है इसकी वजह?

मनोज तिवारी

• 02:11 AM • 07 Jun 2023

Cong on Gehlot vs PIlot: टोंक-सवाई माधोपुर सीट से बीजेपी सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया लगातार टोंक विधायक और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट पर जुबानी हमला बोल रहे हैं. इस बयानबाजी को लेकर पायलट गुट के खास रहे सिपहसालार रहे निवाई से कांग्रेस विधायक प्रशांत बैरवा ने पलटवार किया. मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान विधायक […]

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Cong on Gehlot vs PIlot: टोंक-सवाई माधोपुर सीट से बीजेपी सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया लगातार टोंक विधायक और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट पर जुबानी हमला बोल रहे हैं. इस बयानबाजी को लेकर पायलट गुट के खास रहे सिपहसालार रहे निवाई से कांग्रेस विधायक प्रशांत बैरवा ने पलटवार किया. मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान विधायक प्रशांत बैरवा ने कहा कि सांसद जौनापुरिया को अपने क्षैत्र की जनता से कोई सरोकार है और ना ही जनकल्याण की योजनाओं से. जिले में बनास नदी पर बनने जा रहे प्रदेश के सबसे बड़े पुल के बार में भी पता नहीं है कि उसका निर्माण राज्य सरकार करवा रही है.

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कांग्रेस विधायक ने कहा कि सांसद जौनापुरिया को सिर्फ फोटो खिंचवाना और कमियां निकालना आता है. विधायक बैरवा ने सांसद जौनापुरिया को नसीहत देते कहा कि वे सीएम अशोक गहलोत और टोंक विधायक सचिन पायलट को लेकर बयानबाजी के पचड़े में ना पड़े. वह अपने क्षैत्र की जनता के कामों पर ध्यान दें. कहीं ऐसा ना हो कि उनकी पार्टी ही उनका पत्ता साफ कर दे.

विधायक बैरवा मे कहा कि हमारी पार्टी में लड़ाई है या आपस में प्यार है, सांसद जौनापुरिया इस सब पर तांका झाकी ना कर अपने टिकट की परवाह करें तो ज्यादा ठीक रहेगा. सांसद के उन बयानों को हास्यास्पद बताते हुए कहा कि वे विकास कार्यों की राशि के लिए पीएम मोदी के हाथ-पाव तक जोड़ने से भी कोई गुरैज नहीं करते है.

वसुंधरा की अनदेखी पर खामोश क्यों थे सांसद- बैरवा
उन्होंने ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत तो हमें बिना मांगे ही खूब फंड दे देते हैं. जबकि सांसद खुद अपनी कोष की पूरी राशि खर्च नहीं कर क्षेत्र की जनता के साथ छलावा कर रहे हैं.  जौनापुरिया को अवसरवादी बताते हुए कहा कि आज वे पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की गुणगान कर रहे हैं, लेकिन साढ़े चार साल तक वे राजे की अनदेखी पर क्यों चुप्पी साधे रहे. प्रशांत बैरवा यहीं नहीं रूके. उन्होंने यहां तक कह दिया कि अपने 9 साल के कार्यकाल में सांसद एक भी बड़ी केंद्रीय योजना अपने क्षेत्र में नहीं ला सके. बस ईआरसीपी और जिला मुख्यालय को रेल से जोड़े जाने को लेकर बयानबाज़ी कर जनता के छलावा करते रहे हैं.