सत्यपाल मलिक और जगदीप धनखड़ को लेकर BJP प्रवक्ता ने अपनी पार्टी पर उठाए सवाल! पार्टी ने 6 साल के लिए किया निष्कासित

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• 01:52 PM • 10 Aug 2025

राजस्थान में बीजेपी ने अपने प्रवक्ता पर कार्रवाई करते हुए पार्टी से बाहर कर दिया. 8 अगस्त को पार्टी ने आदेश जारी कर अपने तेज-तर्रार प्रवक्ता और वरिष्ठ नेता कृष्ण कुमार जानू को पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया.

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राजस्थान में बीजेपी ने अपने प्रवक्ता पर कार्रवाई करते हुए पार्टी से बाहर कर दिया. 8 अगस्त को पार्टी ने आदेश जारी कर अपने तेज-तर्रार प्रवक्ता और वरिष्ठ नेता कृष्ण कुमार जानू को पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया. बीजेपी ने इसका कारण जानू द्वारा जून 2025 में जारी कारण बताओ नोटिस का असंतोषजनक जवाब बताया है. हालांकि, राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि यह निष्कासन जानू के हालिया वायरल वीडियो से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने पार्टी लाइन से बाहर जाकर जाट समुदाय से जुड़े मुद्दों पर तीखा हमला बोला था.

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वायरल वीडियो ने बढ़ाई सियासी हलचल

गुरुवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में जानू ने बीजेपी पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने पूर्व राज्यपाल और बीजेपी के वरिष्ठ नेता सत्यपाल मलिक के निधन के बाद उनके अंतिम संस्कार में राजकीय सम्मान न मिलने को जाट समुदाय का अपमान बताया.

जानू ने कहा, "सत्यपाल मलिक जैसे बड़े नेता के साथ ऐसा व्यवहार देखकर जाट समुदाय का मन आहत हुआ है. यह अपमान सिर्फ उनका नहीं, पूरे समुदाय का है." 

धनखड़ की विदाई पर उठाए सवाल

इसके अलावा,  कृष्ण कुमार जानू ने पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे को भी बीजेपी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि धनखड़ ने असामान्य परिस्थितियों में उपराष्ट्रपति पद छोड़ा, लेकिन उनकी विदाई में न तो कोई समारोह हुआ और न ही सम्मानजनक विदाई दी गई. जानू ने इसे बीजेपी का अहंकार बताया.  

जानू ने लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, यशवंत सिन्हा, वसुंधरा राजे और शिवराज सिंह चौहान जैसे नेताओं का जिक्र करते हुए कहा कि बीजेपी अपने जमीनी नेताओं की अनदेखी कर तानाशाही रवैया अपना रही है.

निष्कासन का कारण और पार्टी का बयान

दरअसल, झुंझुनूं जिला अध्यक्ष हर्षिनी कुल्हारी की नियुक्ति पर जानू ने टिप्पणी की थी, जिसके बाद बीजेपी ने उनसे कारण बताओ नोटिस जारी किया था. जिसके बाज जानू ने जवाब दिया था. पार्टी का कहना है कि जानू ने नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं दिया और सार्वजनिक मंचों पर पार्टी के खिलाफ बयानबाजी जारी रखी. 

राजस्थान बीजेपी की अनुशासनात्मक समिति के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत ने शुक्रवार को आदेश जारी कर जानू को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया. आदेश में कहा गया, "कृष्ण कुमार जानू का आचरण पार्टी की नीतियों और अनुशासन के खिलाफ है. उनके पार्टी-विरोधी बयानों के कारण यह कदम उठाया गया."

पहले भी हो चुकी है कार्रवाई

यह पहली बार नहीं है जब जानू को बीजेपी से निष्कासित किया गया है. साल 2006 में भी उन्हें झुंझुनूं में जिला अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर कथित अभद्रता के कारण छह साल के लिए पार्टी से बाहर किया गया था. उस समय तत्कालीन मंत्री कालीचरण सर्राफ भी मौजूद थे.

जाट समुदाय में असंतोष की आग

जानू का वायरल वीडियो और उनका निष्कासन राजस्थान में जाट समुदाय के बीच असंतोष बढ़ा सकता है. सियासी जानकारों का मानना है कि यह विवाद बीजेपी के लिए आने वाले समय में चुनौती बन सकता है, खासकर ग्रामीण इलाकों में जहां जाट समुदाय का प्रभाव है.