Jaipur Bomb Blast: साल 2008 में जयपुर बम ब्लास्ट मामले में आरोपियों की रिहा करने के फैसले के बाद सियासत गरमा गई है. बीजेपी इस पूरे मामले में कमजोर पैरवी करने का आरोप लगाते हुए गहलोत सरकार को कटघरे में खड़ा कर चुकी है. वहीं, दूसरी ओर इस ब्लास्ट में अपनों को खो चुके परिजनों में आक्रोश है. जिसके बाद बुधवार को बीजेपी की ओर से जयपुर शहर के रामलीला मैदान में बेगुनाहों के परिजन के साथ धरना दिया गया. मृतकों को श्रद्धांजलि देकर रामलीला मैदान से लेकर घटनास्थल सांगानेरी हनुमान मंदिर तक मशाल जूलूस और कैंडल मार्च निकाला गया.
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इस मौके पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी ने मृतकों के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर संबोधित भी किया. उन्होंने पीड़ितों के दुख में संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि दुर्भाग्य है कि जिस प्रकार की चित्कार जयपुर में उठी थी. जहां 71 लोगों की जान चली गई और साथ ही 185 लोग घायल हुए थे. खून का तांडव जयपुर की जनता देख रही थी. कोर्ट में अपराधियों के खिलाफ 28 लोगों के बयान होते हैं और इन अपराधियों को फांसी की सजा होती है, लेकिन आज यह 28 बयान देने वाले लोग कहां चले गए. कांग्रेस के कुशासन में कमजोर पैरवी के चलते आज इन बेगुनाहों के चारों हत्यारों को छोड़ दिया गया. इस फैसले से समझ आता है की कांग्रेस सरकार निश्चित रूप से हिंदू विरोधी सरकार है.
वहीं, नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि पीड़ितों के माध्यम से बहरी कांग्रेस सरकार को सुनाना ही पड़ेगा. उस बहन-मां और पिता की पीड़ा को अगर कांग्रेस सरकार समझती है तो आज कमजोर पैरवी के चलते इन गुनाहगारो को निश्चित रूप से फांसी के तख्त पर ही पहुंचाती. हमें ऐसी कांग्रेस सरकार से ऐसे मामले में भी ऐसी उम्मीद नहीं थी, जहां राजस्थान में कन्हैयालाल जैसे एक आम व्यक्ति की बर्बरतापूर्वक हत्या कर दी गई.
इसी दौरान मंच के माध्यम से पीड़ित परिवार की एक महिला ने कहा कि ऐसे बड़े अपराध करने वालों को भी बेगुनाह मान छोड़ दिया जाए तो इससे ज्यादा दुख का विषय नहीं हो सकता. बम ब्लास्ट में उसका एक बेटा उस शाम जब घर नहीं लौटा तो मेरी तो आत्मा भी रोने लगी. जब मुझे मालूम चला कि मेरा बेटा इस दुनिया में नहीं रहा. उन्होंने कहा कि यह दुख पूछो जिसका बेटा नहीं रहा. उन गुनहगारों को छोड़कर कांग्रेस सरकार की कमजोर पैरवी ने हमारे घाव फिर हरे कर दिए हैं. अब हाईकोर्ट के इस फैसले को चुनौती देते हुए इन अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलवानी होगी.
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