किस्मत के फैसले भी कई बार इतने अजीब और दर्दनाक होते हैं कि इंसान को संभलने का मौका तक नहीं मिलता. राजस्थान के बूंदी जिले से एक ऐसा ही दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक हंसता-खेलता परिवार पल भर में बिखर गया. जिस घर में बेटे के जन्मदिन की खुशियां मनाई जा रही थीं, रिश्तेदार जुट रहे थे और मंगल गीत गूंजने वाले थे, वहां अचानक चीख-पुकार मच गई. एक भीषण सड़क हादसे ने बुजुर्ग माता-पिता को उनके बेटे से हमेशा के लिए छीन लिया. बेटा घर पर अपने माता-पिता का रास्ता देखता रह गया, लेकिन वे कभी वापस नहीं लौट सके.
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कोटा-दौसा मेगा स्टेट हाईवे पर हुआ हादसा
यह दर्दनाक हादसा 9 जुलाई 2026, गुरुवार के दिन बूंदी जिले में हुआ. श्रीपुरा गांव के रहने वाले 71 वर्षीय रिटायर्ड सरकारी शिक्षक केदारलाल शर्मा और उनकी 65 वर्षीय पत्नी गीता बाई बाइक पर सवार होकर बूंदी से कोटा जा रहे थे. दोनों अपने छोटे बेटे सुनील शर्मा के 32वें जन्मदिन के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बेहद उत्साहित थे.
उनके पास बेटे के लिए एक सुंदर उपहार भी था, लेकिन कोटा-दौसा मेगा स्टेट हाईवे पर गुडली और टोल प्लाजा के बीच पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रेलर ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर इतनी भीषण थी कि बुजुर्ग दंपती ट्रेलर की चपेट में आ गए और दोनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई.
उपहार ही बन गया अंतिम सफर का कफ़न
हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों में चीख-पुकार मच गई और तुरंत पुलिस व एम्बुलेंस को सूचना दी गई, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. इस हादसे का सबसे दर्दनाक मंजर तब देखने को मिला जब शवों को अस्पताल ले जाने की तैयारी की जा रही थी. केदारलाल शर्मा अपने बेटे को जन्मदिन के उपहार स्वरूप देने के लिए सफेद कपड़े साथ लेकर जा रहे थे.
लेकिन नियति का क्रूर खेल देखिए कि हादसे के बाद वही सफेद कपड़े बुजुर्ग दंपती के अंतिम सफर का सहारा यानी कफन बन गए. इस दुर्घटना में गीता बाई का शव इतनी बुरी तरह क्षत-विक्षत हो चुका था कि पुलिस को उनके सिर को कपड़े से बांधकर अस्पताल ले जाना पड़ा.
बर्थडे की बधाइयों के बीच गूंजी चीखें
दूसरी तरफ कोटा में छोटे बेटे सुनील शर्मा के जन्मदिन की भव्य तैयारियां पूरी हो चुकी थीं. रिश्तेदार और परिचित घर पहुंचना शुरू हो गए थे और हर तरफ उल्लास का माहौल था. इसी बीच आए एक फोन कॉल ने पूरे परिवार के पैरों तले से जमीन खिसका दी. घर में जन्मदिन की बधाइयों की जगह अचानक मातमी सन्नाटा और चीखें गूंज उठीं. जिस बेटे को अपने माता-पिता के हाथों से केक का निवाला खाना था और उनका आशीर्वाद लेना था, उसे अपने माता-पिता की अर्थी को कंधा देना पड़ा. यह एक ऐसा दर्द है जो उस बेटे और पूरे परिवार को जिंदगी भर सालता रहेगा.
आरोपी ट्रेलर चालक फरार, पुलिस जांच में जुटी
पारिवारिक पृष्ठभूमि की बात करें तो केदारलाल शर्मा एक सरकारी शिक्षक थे और रिटायरमेंट के बाद अपनी पत्नी के साथ बूंदी के कापरेन में रह रहे थे, जबकि उनके दोनों बेटे कोटा में रहते थे. इस दर्दनाक हादसे को अंजाम देने के बाद आरोपी ट्रेलर चालक मौके से फरार हो गया. बताया जा रहा है कि वह ट्रेलर लेकर भागने की फिराक में था, लेकिन वहां भारी भीड़ को इकट्ठा होते देख वह गाड़ी को वहीं छोड़कर नौ दो ग्यारह हो गया. घटना की सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने ट्रेलर को जब्त कर लिया है और आरोपी चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी है.
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