राजस्थान की सियासत में एक बार फिर सरगर्मी बढ़ गई है. प्रसिद्ध लोक गायक छोटू सिंह रावणा और शिव विधायक रवींद्र सिंह भाटी के बीच विवाद अब थाने तक पहुँच गया है. छोटू सिंह रावणा ने अपने समर्थकों के साथ थाने पहुंचकर विधायक और उनकी सोशल मीडिया टीम के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने के लिए शिकायत दी है. उन्होंने आरोप लगाया है कि विधायक की ओर से उन्हें और उनके समाज को निशाना बनाया जा रहा है.
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जातिवाद फैलाने और समाज तोड़ने का आरोप
छोटू सिंह रावणा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि एक विधायक का काम समाज को जोड़ना होता है, लेकिन रवींद्र सिंह भाटी और उनकी सोशल मीडिया टीम समाज को तोड़ने का काम कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक की टीम ने हजारों फर्जी अकाउंट बना रखे हैं, जिनके जरिए उन्हें लगातार धमकियां दी जा रही हैं और उनके समाज को गालियां दी जा रही हैं.
'रात को आया धमकी भरा फोन'
रावणा ने दावा किया कि दो-तीन दिन पहले विधायक ने खुद उन्हें फोन कर धमकाया. उन्होंने कहा, "विधायक ने फोन पर कहा कि देख लेंगे, यह मेरा अंतिम कॉल है. इससे साफ हो गया है कि जो धमकियां मुझे मिल रही थीं, उनके पीछे कौन है." छोटू सिंह ने सुरक्षा की मांग करते हुए कहा कि उन्हें जान से मारने की धमकियां भी मिल रही हैं.
आर-पार की लड़ाई का ऐलान
लोक गायक ने साफ कर दिया है कि अब यह लड़ाई सोशल मीडिया से निकलकर धरातल पर लड़ी जाएगी. उन्होंने कहा, "अगर विधायक समाज को गालियां देना बंद नहीं करेंगे, तो मैं घर-घर जाऊंगा, समाज की बैठकें करूंगा और आने वाले चुनावों में इनका पूर्ण बहिष्कार किया जाएगा." उन्होंने यह भी कहा कि वे अकेले नहीं हैं, उनके साथ 36 कौम के वो लोग हैं जो विधायक की कार्यशैली से पीड़ित हैं.
प्रशासन से कार्रवाई की उम्मीद
छोटू सिंह रावणा ने बताया कि उन्होंने पुलिस को शिकायत सौंप दी है और उन्हें प्रशासन पर पूरा भरोसा है कि वे उचित कार्रवाई करेंगे. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी किसी व्यक्ति विशेष से दुश्मनी नहीं है, लेकिन अगर समाज के सम्मान पर बात आएगी, तो वे चुप नहीं बैठेंगे.
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