राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने महिला आरक्षण विधेयक (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) को लेकर विपक्ष पर तीखा प्रहार किया है. सीएम शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की आधी आबादी को उनका हक देने की ऐतिहासिक कोशिश की गई, लेकिन विपक्ष ने अपने नकारात्मक रवैये और 'परिवारवाद' की राजनीति के कारण इसमें बाधा डाली. उन्होंने संसद में हुई घटना को भारतीय लोकतंत्र के लिए 'शर्मनाक पल' करार दिया.
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'विपक्ष ने महिलाओं के सपनों को पहुंचाई चोट'
मुख्यमंत्री ने कहा कि 17 अप्रैल का दिन भारत के संसदीय इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय बन सकता था, लेकिन कांग्रेस, सपा, टीएमसी और डीएमके जैसे दलों ने इसे 'काला पन्ना' बना दिया. सीएम के अनुसार, यह विधेयक 2029 के आम चुनावों में महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में 33% आरक्षण सुनिश्चित करने वाला था. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने ओबीसी आरक्षण, परिसीमन और दक्षिण भारत के नाम पर केवल भ्रम फैलाया ताकि मुख्य मुद्दे से ध्यान हटाया जा सके.
'विपक्ष के लिए सशक्तिकरण सिर्फ चुनावी नारा'
सीएम भजनलाल शर्मा ने विपक्षी दलों को घेरते हुए कहा कि ये वो पार्टियां हैं जो परिवारवाद से ऊपर नहीं उठ पाती हैं. उनके लिए महिला सशक्तिकरण केवल एक चुनावी नारा है, नियत नहीं. उन्होंने शाहबानो केस और तीन तलाक जैसे मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस का इतिहास हमेशा महिला विरोधी रहा है और उसने महिलाओं को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया है.
मोदी सरकार की योजनाओं का किया जिक्र
संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्र और राज्य सरकार की महिला केंद्रित योजनाओं की लंबी फेहरिस्त गिनाई:
- उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन (शौचालय), और लखपति दीदी योजना.
- बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के कारण लिंगानुपात में आया सुधार.
- राजस्थान में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में 10% की वृद्धि.
- 500 कालिका पेट्रोल यूनिट का गठन और 2000 महिला कांस्टेबलों के पद का सृजन.
- लाडो प्रोत्साहन योजना, मां वाउचर योजना और मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान पेंशन योजना.
'मातृशक्ति देगी करारा जवाब'
मुख्यमंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि देश की मातृशक्ति इस विश्वासघात को कभी नहीं भूलेगी. उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली 'डबल इंजन' की सरकार रुकेगी नहीं और जनता के आशीर्वाद से महिलाओं को उनके अधिकार दिलाने की लड़ाई जारी रखेगी. आने वाले चुनावों में देश की महिलाएं इन दलों को सबक सिखाएंगी.
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