Gehlot Vs Pilot: पार्टी हाईकमान ने पायलट को दिया दिल्ली में ये बड़ा ऑफर! जानें सहमति बनी कि नहीं?

मौसमी सिंह

15 Apr 2023 (अपडेटेड: Apr 15 2023 9:23 AM)

Rajasthan Politics: राजस्थान कांग्रेस में मचे घमासान के बीच पार्टी आलाकमान फिर से सचिन पायलट को समझाने में जुट गया है. बताया जा रहा है कि रंधावा के तल्ख अंदाज पर भी हाईकमान नाराजगी जता चुका है. इन सबके बीच कांग्रेस हाईकमान ने पायलट के सामने यह ऑफर रखा है कि उनको कांग्रेस की कार्यसमिति […]

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Rajasthan Politics: राजस्थान कांग्रेस में मचे घमासान के बीच पार्टी आलाकमान फिर से सचिन पायलट को समझाने में जुट गया है. बताया जा रहा है कि रंधावा के तल्ख अंदाज पर भी हाईकमान नाराजगी जता चुका है. इन सबके बीच कांग्रेस हाईकमान ने पायलट के सामने यह ऑफर रखा है कि उनको कांग्रेस की कार्यसमिति और स्क्रीनिंग कमेटी में शामिल किया जाएगा. यही नहीं, पार्टी ने उनको कोई अच्छा रोल दिल्ली में देने की भी बात कही है. इसके अलावा उनको राजस्थान के टिकट वितरण में भी अहम भूमिका दी जाएगी.

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हालांकि सचिन पायलट राजस्थान छोड़कर दिल्ली जाने के मूड में बिल्कुल नहीं दिख रहे हैं. इसलिए बताया जा रहा है कि वो इस ऑफर पर राजी नहीं हैं.

पहले ही पायलट के खिलाफ कार्रवाई का ऐलान कर चुके रंधावा भी राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मिलने के बाद अब बदले-बदले नजर आ रहे हैं. अब वह कह रहे हैं कि मामला लंबा खिंचने वाला है. गौरतलब है कि इससे पहले अजय माकन राजस्थान में हुई बगावत के खिलाफ कोई कार्रवाई ना होने के चलते ही राजस्थान इंचार्ज के पद से इस्तीफा दे चुके हैं.

प्रियंका गांधी भी हुई सक्रिय
इसी संदर्भ में आचार्य प्रमोद कृष्णम सचिन पायलट से दिल्ली में उनके घर पर मुलाकात कर रहे हैं. इस मामले में प्रियंका गांधी वाड्रा भी सक्रिय हुई हैं. रंधावा के बड़बोले बयानों के बाद केसी वेणुगोपाल और रंधावा राहुल गांधी से भी मिले थे. वहीं पायलट के अनशन के बाद राजस्थान में पैदा हुई सियासी संकट की स्थिति के मद्देनजर कमलनाथ को भी सचिन पायलट से बात करने के लिए कहा गया था.

रंधावा के बयान पर पायलट ने जताई आपत्ति
पायलट और गहलोत के बीच मची तनातनी का जब कोई समाधान नहीं निकला तो इसी के चलते प्रमोद कृष्णम की मुलाकात सचिन पायलट से हुई है. दूसरी तरफ कमलनाथ और केसी वेणुगोपाल से बैठक में सचिन पायलट ने रंधावा के कड़क बयान पर आपत्ति भी जताई है.

सूत्रों के मुताबिक, अनशन से पहले रंधावा ने पायलट के खिलाफ एक्शन लेने की बात कही थी. लेकिन उनका अनशन भ्रष्टाचार के खिलाफ था और उन्होंने अनशन में भी पार्टी के खिलाफ कोई बयान नहीं दिया था. माना जा रहा है कि कोई ठोस आधार नहीं होने के चलते पार्टी हाईकमान उनके खिलाफ कोई एक्शन लेने के मूड में नहीं है.

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