चुनाव से पहले RLP के लिए बुरी खबर, हनुमान बेनीवाल के इस प्लान को गहलोत ने कर दिया फेल!

राजस्थान तक

• 11:33 AM • 09 Nov 2023

Bikaner news: बागियों को मनाने में जुटी कांग्रेस को बड़ी सफलता मिल गई है. बीकानेर (bikaner news) पश्चिम से कांग्रेस (congress) के बागी ने नामांकन वापस ले लिया है. अब्दुल मजीद खोखर ने आज नामांकन शिक्षा मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला को समर्थन दिया है. लगातार 10वीं बार डॉ. बी.डी.कल्ला को टिकट देने से नाराज होकर […]

बीजेपी की बाद अब हनुमान बेनीवाल भरेंगे हूंकार, 28 सितंबर से निकालेंगे 'सत्ता संकल्प-व्यवस्था
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Bikaner news: बागियों को मनाने में जुटी कांग्रेस को बड़ी सफलता मिल गई है. बीकानेर (bikaner news) पश्चिम से कांग्रेस (congress) के बागी ने नामांकन वापस ले लिया है. अब्दुल मजीद खोखर ने आज नामांकन शिक्षा मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला को समर्थन दिया है. लगातार 10वीं बार डॉ. बी.डी.कल्ला को टिकट देने से नाराज होकर बगावत खोकर मैदान में उतरे थे. जिन्हें RLP ने उम्मीदवार बनाया था.

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बता दें अब्दुल मजीद खोखर शहर कांग्रेस के पदाधिकारी रहे हैं और शिक्षा मंत्री डॉ बीडी कल्ला को टिकट मिलने के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया था. जब खोखर को आरएलपी ने अपना उम्मीदवार बनाया तो कयास लग रहे थे कि सीट पर कांग्रेस के लिए मुश्किल बढ़ सकती है.

100 से कम उम्मीदवार उतारने वाली RLP को बड़ा झटका

खोखर के नामांकन वापसी के बाद अब पार्टी को बड़ा झटका लगा है. क्योंकि आरएलपी सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल भले ही पूरे प्रदेश में प्रत्याशी उतारने का दावा कर रहे थे. लेकिन आजाद समाज पार्टी के साथ गठबंधन के बावजूद भी दोनों पार्टियां मिलकर 200 उम्मीदवारों घोषित नहीं कर पाए. राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने महज 83 सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा की.

दिव्या मदेरणा पर रहे हमलवार, लेकिन दावा हो गया फ्लॉप

ओसियां में प्रचार की बात हों या पूरे प्रदेश में जनसभाएं, बेनीवाल कभी भी मदेरणा पर जुबानी हमला करने से नहीं चूके. दोनों के बीच जुबानी जंग अक्सर देखी गई. लेकिन यहां वह कैंडिडेट नहीं उतार पाए. जबकि इससे पहले उन्होंने कहा था “मेरी वजह से दिव्या ही नहीं कई बीजेपी-कांग्रेस के नेता चुनाव जीते. मेरी पार्टी नई थी. कई नेताओं ने मुझसे चुनाव में प्रत्याशी नहीं उतारने के लिए आग्रह किया तो मैंने उनके सामने कैंडिटेट नहीं दिया. दिव्या और उनकी मां खुद मुझसे मिलने आई थी.

उन्होंने कहा था कि चुनाव में मदद करें. लेकिन वह भूल गई कि हर 5 साल में विधानसभा चुनाव लड़ना भी पड़ता है और जीतना भी. अब 2023 में मेरी पार्टी हर सीट पर चुनाव लड़ेगी. इस बार लड़ेंगे तो ताकत भी बता देंगे.” इसके अलावा उन्होंने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के सामने भी बेनीवाल चुनौती पेश नहीं कर पाए.