Vasundhara Raje Vs Ramlal Chauhan: राजस्थान विधानसभा चुनाव की (rajasthan assembly election) सबसे हॉट सीटों में से एक झालरापाटन में पूर्व सीएम वसुंधरा राजे (vasundhara raje) के सामने रामलाल चौहान (ramlal chauhan) को प्रत्याशी बनाकर कांग्रेस ने सबको चौंका दिया है. वसुंधरा राजे के बाद रामलाल जाट ने भी सोमवार को जिले के मिनी सचिवालय पहुंचकर अपना नामांकन भर दिया. वह पूर्व में प्रधान रह चुके हैं. एक पूर्व सीएम और पूर्व प्रधान के बीच यह मुकाबला काफी दिलचस्प होने वाला है जिस पर पूरे प्रदेश की नजर रहेगी.
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नामांकन फार्म भरने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कांग्रेस प्रत्याशी रामलाल चौहान ने बताया कि “ये लड़ाई काश्तकार के बेटे एवं महलों में रहने वाली रानी के बीच है. हम जमीन से जुड़े हुए लोग हैं. हम गहलोत साहब की जनोपयोगी स्कीम के आधार पर लोगों के बीच जायेंगे ओर चुनाव जीतेंगे.”
रामलाल चौहान को टिकट देने के पीछे ये है बड़ी वजह
झालरापाटन की बात करें तो यहां पिछले 34 वर्षों से सीएम वसुंधरा राजे का कब्जा रहा है. वह यहां से 5 बार विधायक और 4 बार सांसद रह चुकी हैं. इस बार उन्होंने 10वीं बार यहां से नामांकन दाखिल किया है. उनके सामने कांग्रेस ने शैलेंद्र यादव को टिकट न देकर रामलाल चौहान को टिकट दिया है. कांग्रेस के इस कदम ने सबको हैरत में डाल दिया है. रामलाल चोहान सोधीया राजपूत हैं जो झालरापाटन विधान सभा क्षेत्र के पिडावा तहसील की गावों मे रहने वाली जाति है. इनके पूरी विधानसभा में करीब बीस हजार वोट हैं. कांग्रेस ने रामलाल चोहान पर इसलिए भी भरोसा जताया है कि झालरापाटन से लगी हुए डग विधान सभा क्षेत्र में सोधीया राजपूत जाति का बाहुल्य है. डग सीट अनुसूचित जाति की आरक्षित सीट है. इसलिए कांग्रेस रामलाल चौहान को झालरापाटन से टिकट देकर डग सीट पर अच्छी पोजीशन बनाना चाहती है.
वसुंधरा के गढ़ में पिछली बार BJP को मिली थी इतनी सीटें
हाडौती पूर्व सीएम वसुंधरा राजे का इलाका माना जाता है. साल 2018 के विधानसभा चुनाव में यहा से बीजेपी कांग्रेस से मजबूत स्थिति में थी. हाड़ौती की कुल 17 सीटों में से बीजेपी को 10 सीटों पर जीत मिली थी. जबकि कांग्रेस 7 सीट पर ही जीत हासिल कर पाई थी.
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