राजस्थान की लोक कलाओं का अपना एक समृद्ध इतिहास रहा है, और इसमें बहरूपिया कला का स्थान बेहद खास है. दौसा जिले के बांदीकुई के रहने वाले प्रसिद्ध बहरूपिया कलाकार शमशाद खान अब अपने हुनर के जरिए सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार करेंगे. हाल ही में जिला प्रशासन द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में शमशाद ने अपनी कला और मजाकिया अंदाज से जिला कलेक्टर को भी हंसने पर मजबूर कर दिया.
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फ्रांस और अमेरिका तक विख्यात है यह कला
शमशाद खान कोई साधारण कलाकार नहीं हैं, उनकी कला का जादू सरहदों के पार तक फैला हुआ है. उन्होंने बताया कि वह अपनी इस पारंपरिक कला के माध्यम से फ्रांस, जर्मनी, हांगकांग, अमेरिका, रूस और जापान जैसे देशों में राजस्थान और अपने जिले दौसा का नाम रोशन कर चुके हैं. शमशाद के पिता ने इस कला को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई थी और अब उनके परिवार की अगली पीढ़ी इसे आगे बढ़ा रही है. उनके छोटे भाई को हाल ही में प्रतिष्ठित उस्ताद बिस्मिल्लाह खान अवार्ड के लिए भी चुना गया है.
जब कलेक्टर के सामने किया लाखों का हिसाब
दौसा में आयोजित 'कला जत्था' कार्यक्रम के दौरान शमशाद खान ने अपने चिर-परिचित मजाकिया अंदाज में जिला कलेक्टर से संवाद किया. उन्होंने चुटीले अंदाज में कहा कि काफी दिनों बाद मुलाकात हुई है, तो 'दो-चार लाख का हिसाब' करना था. उनकी इन बातों और संवाद अदायगी ने वहां मौजूद सभी लोगों को लोटपोट कर दिया. खुद जिला कलेक्टर भी कलाकार की हाजिरजवाबी और कला को देखकर अपनी मुस्कुराहट नहीं रोक पाईं. शमशाद ने इस दौरान सरकार की नीतियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे इतनी सरल हैं कि आम आदमी को आसानी से समझ आ जाती हैं.
सरकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाएगा कला जत्था
जिला प्रशासन ने पहली बार बहरूपिया कलाकारों को 'कला जत्था' की टीम में शामिल किया है. जिला कलेक्टर के अनुसार, जिले के पांचों विधानसभा क्षेत्रों में 'ग्राम रथ' भ्रमण करेंगे. यह रथ प्रतिदिन 5 से 6 पंचायतों का दौरा करेंगे, जहां कलाकार करीब एक घंटे तक अपनी प्रस्तुति देंगे. इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य 13 अलग-अलग विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में लोगों को जागरूक करना है. रात के समय 'संध्या चौपाल' का आयोजन होगा, जिसमें ब्लॉक स्तरीय अधिकारी लोगों की समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण करेंगे.
15 दिनों तक चलेगा जागरूकता का विशेष अभियान
यह विशेष जागरूकता अभियान अगले 15 दिनों तक चलेगा. जिला प्रशासन ने इसकी मॉनिटरिंग के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं. कलेक्टर ने बताया कि केवल सूचना देना ही उद्देश्य नहीं है, बल्कि मौके पर ही योजनाओं के लिए आवेदन लिए जाएंगे और उनका समयबद्ध तरीके से निपटारा किया जाएगा. इसके लिए रोजाना एसडीएम स्तर पर रिपोर्ट ली जाएगी कि कितने नए आवेदन आए और कितनी सेवाओं का लाभ लोगों तक पहुंचा. कलाकारों ने प्रशासन के इस कदम की सराहना की है कि उन्हें अपने ही जिले में अपनी कला दिखाने और लोगों की सेवा करने का मंच मिला है.
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