कौन हैं निर्दलीय विधायक यूनुस खान? जिन्होंने डीडवाना निकाय चुनाव में 39 वार्डों में प्रत्याशी उतारकर BJP-कांग्रेस की बढ़ाई टेंशन

आंचल गुप्ता

• 12:54 PM • 07 Sep 2026

Yunus Khan Deedwana News: राजस्थान के डीडवाना निकाय चुनाव में निर्दलीय विधायक यूनुस खान ने बीजेपी और कांग्रेस दोनों का सियासी समीकरण बिगाड़ दिया है. 40 वार्डों में यूनुस खान समर्थक निर्दलीय और आरएलपी प्रत्याशियों की मजबूत दावेदारी से मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है. जानिए डीडवाना की ग्राउंड रिपोर्ट.

डीडवाना निकाय चुनाव में यूनुस खान का बड़ा दांव!
डीडवाना निकाय चुनाव में यूनुस खान का बड़ा दांव!
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Deedwana Nikay Chunav: राजस्थान के डीडवाना-कुचामन जिले के डीडवाना में निकाय चुनाव की सरगर्मियां तेज हो चुकी हैं. डीडवाना के 40 वार्डों में होने जा रहे इस चुनाव में इस बार मुकाबला त्रिकोणीय और बेहद दिलचस्प नजर आ रहा है. कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पारंपरिक मुकाबले के बीच निर्दलीय विधायक यूनुस खान और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने दोनों ही प्रमुख दलों की नींद उड़ा दी है.

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यूनुस खान का मास्टरस्ट्रोक, 39 वार्डों में उतारे प्रत्याशी

डीडवाना निकाय चुनाव में पूर्व मंत्री और स्थानीय निर्दलीय विधायक यूनुस खान ने 40 में से करीब 38-39 वार्डों पर अपने समर्थित निर्दलीय प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है. वहीं राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने भी 7 वार्डों में अपने उम्मीदवार खड़े किए हैं. यूनुस खान के प्रत्याशियों को मिल रहे जनसमर्थन के चलते अब न तो कांग्रेस यह दावा कर पा रही है कि उनका स्पष्ट बहुमत का बोर्ड बनेगा, और न ही सत्ताधारी बीजेपी अपने बहुमत की बात कह पा रही है.

बिना यूनुस खान के नहीं बनेगा बोर्ड!

स्थानीय राजनीतिक जानकारों और ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक, डीडवाना के 40 वार्डों में से किसी भी एक दल को स्पष्ट बहुमत मिलने की संभावना कम नजर आ रही है. यदि यूनुस खान समर्थित 10 से 15 प्रत्याशी जीतकर आते हैं, तो डीडवाना में नगर परिषद का सभापति वही बनेगा जिसे यूनुस खान का समर्थन प्राप्त होगा. ऐसे में यूनुस खान के पास सत्ता का किंगमेकर बनने की पूरी चाबी रहेगी.

स्थानीय मुद्दों और भ्रष्टाचार से त्रस्त है डीडवाना की जनता

डीडवाना में बीते ढाई सालों से प्रशासक राज होने और पिछले पालिका बोर्ड की ढिलाई की वजह से जनता कई स्थानीय समस्याओं से जूझ रही है. शहर में ट्रैफिक जाम, अवैध पट्टे जारी करने, सफाई की बदहाली और सब्जी मंडी व बस स्टैंड का सुचारू संचालन न होना बड़े मुद्दे हैं. जनता का आरोप है कि पिछले कांग्रेस बोर्ड में विकास कार्यों की अनदेखी हुई. अब चुनाव के जरिए डीडवाना की जनता अपना फैसला सुनाने को तैयार है.

कौन हैं यूनुस खान?

यूनुस खान डीडवाना-नागौर विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक हैं. वे इस सीट से तीसरी बार विधानसभा पहुंचे हैं. यूनुस खान पहली बार 2003 में बीजेपी के टिकट पर चुनाव जीते थे और डीडवाना से जीतने वाले पहले मुस्लिम विधायक बने. इसके बाद 2013 में भी उन्होंने बीजेपी के टिकट पर जीत दर्ज की. वहीं, 2018 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने उन्हें आखिरी समय में उम्मीदवार बनाया था. बाद में यूनुस खान ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव जीतकर डीडवाना की राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ बनाई. वह डीडवाना सीट से निर्दलीय चुनाव जीतने वाले दूसरे उम्मीदवार हैं. फिलहाल वह विधानसभा की राजकीय उपक्रम समिति के सदस्य भी हैं.

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