दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर सोमवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया. इंदौर से दिल्ली जा रही एक निजी बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे रखे केमिकल से भरे ड्रमों से जा टकराई. इस हादसे में 3 यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 30 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं. घायलों में महिलाएं और छोटे बच्चे भी शामिल हैं.
ADVERTISEMENT
ड्राइवर को आई नींद, यात्रियों ने दी थी चेतावनी
हादसे में बचे एक यात्री ने बताया कि बस का ड्राइवर काफी देर से नींद में लग रहा था. यात्री के अनुसार, "मैंने हादसे से करीब 20 मिनट पहले ही ड्राइवर को टोकते हुए कहा था कि भाई अगर नींद आ रही है तो बस साइड में लगा ले, लेकिन उसने बात नहीं मानी और कुछ ही देर बाद बस ड्रमों में जा घुसी."
टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग और अन्य वाहन चालक मदद के लिए पहुंचे.
पुलिस और प्रशासन पर फूटा गुस्सा
हादसे के बाद मौके पर मौजूद यात्रियों ने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ जमकर नाराजगी जाहिर की. यात्रियों का आरोप है कि एक्सीडेंट के डेढ़ घंटे बाद तक भी पुलिस मौके पर नहीं पहुंची थी. केवल एंबुलेंस ही आई जो घायलों को लेकर गई. एक पीड़ित महिला ने रोते हुए कहा, "छोटे-छोटे बच्चे सड़क पर बैठे हैं, उनके मां-बाप घायल हैं, लेकिन संभालने वाला कोई नहीं है. कोई व्यवस्था नहीं है, यह कैसी सरकार है?"
घायलों का उपचार जारी
जानकारी के अनुसार, बस उज्जैन से रात करीब 9:10 बजे चली थी. घायलों को पास के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कई की हालत नाजुक बनी हुई है. मृतकों के शवों को मोर्चरी में रखवाया गया है और उनके परिजनों को सूचित कर दिया गया है.
ADVERTISEMENT


