Brother-in-law and sister-in-law face to face in dholpur in dholpur: राजस्थान चुनाव (rajasthan election 2023) में कहीं पति-पत्नी तो कहीं जीजा-साली सियासी मैदान में आमने-सामने हैं. यहां एक दूसरे के खिलाफ प्रचार करने के साथ ही उनकी नाकामियों को भी गिनाएंगे. अपने पक्ष में लोगों को वोट करने की अपील करेंगे. धौलपुर (dholpur news) में जीजा-साली के बीच कड़ा मुकाबला होगा. ध्यान देने वाली बात है कि साली इस सीट से पहले ही विधायक है और कांग्रेस पार्टी के टिकट पर लड़ रही है.
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हम बात कर रहे हैं हाल ही कांग्रेस पार्टी में शामिल हुई और तीसरी लिस्ट में टिकट पाने वाली शोभारानी कुशवाहा की. साथ ही कांग्रेस छोड़ बीजेपी में आए डॉ. शिवचरण कुशवाहा की. जीजा-साली ने न केवल पार्टी की अदला-बदल कर ली बल्कि बीजेपी और कांग्रेस से टिकट लेकर आमने-सामने चुनावी मैदान में खड़े हो गए हैं.
भाजपा ने 21 अक्टूबर को राजस्थान के 83 प्रत्याशियों की दूसरी सूची जारी की थी.जिसमे धौलपुर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस से बीजेपी में आए डॉक्टर शिवचरण कुशवाह को प्रत्याशी बनाया. इधर 26 अक्टूबर को इनकी साली शोभारानी को कांग्रेस ने उम्मीदवार बना दिया.
कौन हैं शिवचरण कुशवाहा?
वर्तमान विधायक शोभारानी कुशवाहा का राज्य सभा के चुनाव के बाद कांग्रेस की तरफ झुकाब और सीएम अशोक गहलोत की तारीफ़ के कारण करीब दो माह पहले शिवचरण कुशवाह ने भी कांग्रेस का साथ छोड़ दिया. उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया था. डॉक्टर शिवचरण कुशवाह और विधायक शोभारानी कुशवाह सियासी तौर पर एक दूसरे के धुर विरोधी माने जाते हैं. डॉ.शिवचरण कुशवाहा निजी अस्पताल चलाते हैं. साल 2018 के चुनाव में भी दोनों के मध्य मुकाबला हुआ था. इस चुनाव में इनकी साली शोभारानी ने बाजी मार ली थी.
कौन हैं शोभारानी कुशवाहा?
धौलपुर विधानसभा क्षेत्र में 9 अप्रैल 2017 को हुए उप चुनाव में पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने बनवारी लाल कुशवाह को जेल जाने के बाद उनकी पत्नी शोभारानी को बीजेपी से टिकिट दिया. ये चुनाव शोभारानी जीत गईं. साल 2018 में बीजेपी ने शोभारानी कुशवाह को प्रत्याशी बनाया था.
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