राजस्थान की हाई-सिक्योरिटी अजमेर जेल में बंद रहे पूर्व कुख्यात जगन गुर्जर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद धौलपुर में सियासी और सामाजिक पारा चढ़ गया है. जगन गुर्जर की पत्नी और कोमेश गुर्जर ने इस मामले में जेल प्रशासन और पुलिस को सीधे तौर पर कटघरे में खड़ा किया है. गुस्से से लाल कोमेश गुर्जर ने प्रशासन को खुला अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि अगर दो दिन में उनके पति की मौत का सच सामने नहीं आया और दुश्मनों के नाम नहीं बताए गए, तो वह खुद कानून हाथ में लेकर बदला लेंगी.
ADVERTISEMENT
जेल की सुरक्षा और कैमरों पर उठाए गंभीर सवाल
कोमेश गुर्जर ने अजमेर जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि जब जेल के भीतर जगन गुर्जर की जान ली गई, उस समय जेल के सीसीटीवी (CCTV) कैमरे बंद थे. कौमेश ने भावुक और तीखे लहजे में कहा, "अजमेर जेल में कैसी सुरक्षा है, जहां मेरे पति को खत्म कर दिया गया? सुबह-शाम मेरी उनसे बात हुई थी, उन्होंने कुछ नहीं बताया. महताब गुर्जर से हमारी पुरानी लड़ाई चल रही है." उन्होंने आरोप लगाया कि जगन की हत्या तकिए से गला घोंटकर की गई है और प्रशासन इसे छिपाने की कोशिश कर रहा है.
29 जून को होनी थी जमानत, घर आने वाले थे जगन
कोमेश ने बताया कि 29 जून 2026 को जगन गुर्जर की जमानत होने वाली थी. उन्होंने जगन से कहा था कि अब सिर्फ दो दिन बचे हैं, जिसके बाद वह उन्हें घर ले आएंगी. लेकिन जमानत से ठीक पहले उनकी मौत की खबर आ गई. कोमेश ने बाड़ी के सीआई (CI) देवेंद्र शर्मा पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा, "तीन लाख रुपये देकर जब चौधरी पर राजीनामा करवा दिया गया था, तो फिर जगन को जेल क्यों भेजा गया?"
भाई और पिता की हत्या का बदला ले चुकी हूं, अब पति की बारी
प्रशासन को अपनी पुरानी हिस्ट्री याद दिलाते हुए कोमेश ने कहा कि वह डरने वाली नहीं हैं. उन्होंने कहा, "मेरी असलियत लोग भूल गए हैं. मैंने अपने पिता की हत्या का बदला लेने के लिए दुश्मन का गला घोंटकर लाश नाले में फेंक दी थी. इसके बाद ही मैं जगन के साथ फरार हुई थी. अपने भाई की हत्या का बदला लेकर भी मैं जेल जा चुकी हूँ." उन्होंने चेतावनी दी कि वह अपने पति की मौत का बदला भी दो दिन में लेकर दिखाएंगी.
बच्चों के साथ आत्मदाह या मर्डर की चेतावनी
कोमेश ने साफ कहा कि अगर उन्हें इंसाफ नहीं मिला, तो वह सड़क पर बैठकर प्रदर्शन करेंगी. उन्होंने धमकी दी कि या तो वह अपने बच्चों के साथ सड़क पर खड़ी होकर सुसाइड कर लेंगी, या फिर दुश्मनों का मर्डर कर देंगी. उन्होंने प्रशासन को चुनौती देते हुए कहा, "अगर मैं या मेरे बच्चे मर्डर करें, तो प्रशासन हमें रोक कर दिखाए. इतने बड़े आदमी को चूहे के बच्चों ने मार दिया और प्रशासन कुछ नहीं कर रहा है."
पप्पू गुर्जर की सुरक्षा को लेकर भी जताई चिंता
कोमेश ने अजमेर जेल में बंद पप्पू गुर्जर की सुरक्षा को लेकर भी गहरी चिंता जताई है. उन्होंने अधिकारियों और मंत्रियों से सवाल किया कि पहले पप्पू गुर्जर का ट्रांसफर करने की बात कही गई थी, लेकिन वह वापस अजमेर जेल कैसे पहुंच गया? अगर जेल में पप्पू गुर्जर को कुछ होता है, तो उसका जिम्मेदार कौन होगा? फिलहाल, कौमेश के इस रुख के बाद पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड पर है.
ADVERTISEMENT


