धौलपुर में 1 वोट से मिली जीत बनी जान की आफत! सड़कों से लेकर अस्पताल तक चले लाठी-डंडे, आधा दर्जन लोग घायल

उमेश मिश्रा

• 06:08 PM • 15 Oct 2026

Dholpur News: राजस्थान के धौलपुर में नगर परिषद चुनाव के बाद वार्ड नंबर 35 में एक वोट से हार-जीत का विवाद हिंसक झड़प में बदल गया. पटपड़ा मोहल्ले और जिला अस्पताल में लाठी-डंडों व रॉड से मारपीट में 6 लोग घायल हुए. पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर FIR दर्ज कर 8 लोगों को हिरासत में लिया है. जानिए पूरा मामला.

Dholpur News
Dholpur News
Google CTA

धौलपुर नगर परिषद चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद भी चुनावी मैदान की कड़वाहट कम होने का नाम नहीं ले रही है. वार्ड नंबर 35 में महज एक वोट के अंतर से मिली हार-जीत की कड़वाहट अब सड़कों और अस्पतालों में खूनी संघर्ष के रूप में सामने आने लगी है. बुधवार, 14 अक्टूबर को धौलपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र के पुराने शहर स्थित पटपड़ा मोहल्ले में दो पक्ष आमने-सामने आ गए, जिसमें लाठी-डंडों और रॉड से हुई मारपीट में आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए हैं. विस्तार से जानिए मामले की पूरी कहानी.

Read more!

1 वोट से हार-जीत बना विवाद का केंद्र

बता दें कि नगर परिषद के वार्ड नंबर 35 से निर्दलीय उम्मीदवार रेखा कोहली ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की उम्मीदवार प्रियंका को मात्र एक वोट से हराया था. इसके बाद रेखा कोहली उपाध्यक्ष पद पर भी निर्वाचित हुईं. लेकिन इस चुनावी नतीजे के बाद से ही दोनों पक्षों में तनाव की स्थिति बनी हुई थी, जिसने बुधवार सुबह करीब 9:30 बजे हिंसक रूप ले लिया.

एसपी दफ्तर से अस्पताल तक हुआ बवाल

नवनिर्वाचित उपाध्यक्ष रेखा कोहली और उनके परिजनों का आरोप है कि चुनाव वाले दिन से ही विरोधी पक्ष उन्हें परेशान कर रहा था और उन्हें हराने व धमकाने की बातें कह रहा था. बुधवार सुबह हमलावरों ने लाठी-डंडों, पत्थरों और रॉड से उनकी तीन बहुओं, छोटे भाई और माँ पर हमला कर दिया. घटना के बाद उपाध्यक्ष रेखा कोहली अपने परिवार के साथ पुलिस अधीक्षक (SP) से मिलने पहुंचीं. एसपी दफ्तर से मिलने के बाद जब परिजन घायल रिश्तेदारों को देखने जिला अस्पताल पहुंचे, तो वहां भी दोनों पक्षों के बीच दोबारा मारपीट शुरू हो गई. आरोप है कि हमलावरों ने अस्पताल के वार्ड के अंदर भी गुंडागर्दी की और सुरक्षा गार्ड तक को गिराकर पीटा.

दोनों पक्षों के अपने-अपने दावे और आरोप

इस पूरे घटनाक्रम में दोनों पक्षों की ओर से अपने-अपने दावे और आरोप लगाए जा रहे हैं. उपाध्यक्ष समर्थकों और कोली समाज की ओर से घायल ललित और उनके परिवार का कहना है कि चुनाव जीतने के बाद से ही विरोधी पक्ष लगातार रंजिश रख रहा है और रास्ते में आने-जाने पर गाली-गलौज व धमकी देता है. उनका यह भी आरोप है कि आरोपी प्रशासन और पुलिस का डर दिखाकर डराते हैं. 

दूसरी ओर, घायल सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी जगदीश दिवाकर ने बताया कि वे अपने घायल भाई की खबर सुनकर अस्पताल पहुंचे थे. जब वे वार्ड में पहुंचे, तो दूसरे पक्ष के लोगों ने उनके भतीजे को पकड़कर पीटना शुरू कर दिया. बीच-बचाव करने पर 8-10 लोगों व महिलाओं ने मिलकर लात-घूंसों व लाठियों से उनकी पिटाई की, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई है. साथ ही आरोपी उनका मोबाइल छीनकर भाग गए। दूसरे पक्ष ने उपाध्यक्ष के समर्थकों पर अस्पताल में गुंडागर्दी करने का आरोप लगाया है.

पुलिस की कार्रवाई और एफआईआर

घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस हरकत में आई. मामले की जानकारी देते हुए सीओ सिटी प्रदीप नेहरा ने बताया कि पटपड़ा मोहल्ले में धोबी और कोली समुदायों के बीच आपसी झगड़ा हुआ था, जिसमें दोनों पक्षों के कुल 6 लोग घायल हुए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है. पुलिस के अनुसार, पहली एफआईआर तेज सिंह कोली के बेटे लक्ष्मण की ओर से 4 नामजद लोगों के खिलाफ दर्ज कराई गई है, जिसमें चुनावी रंजिश को मारपीट की वजह बताया गया है. वहीं, दूसरी एफआईआर मुकेश धोबी की पत्नी रानी धोबी ने 10 नामजद लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है, जिसमें विवाद का कारण टेम्पो तेज गति से चलाना बताया गया है.

8 लोग हिरासत में, जांच जारी

सीओ सिटी प्रदीप नेहरा ने बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों से कुल आठ लोगों को हिरासत में ले लिया है. पुलिस अब क्षेत्र और अस्पताल के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाल रही है तथा निष्पक्ष गवाहों के बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है.

फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह खूनी संघर्ष सचमुच एक वोट से मिली जीत की कड़वाहट और चुनावी रंजिश का नतीजा है, या फिर टेम्पो चलाने को लेकर हुआ अचानक विवाद. जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ पाएगी.

राजस्थान चुनाव में धांधली का आरोप लगाकर सचिन पायलट ने भाजपा को घेरा, जानिए क्या कहा