धौलपुर: जान बचाने के लिए नदी में मगरमच्छ से भिड़ गया युवक, ऐसे निकला बाहर

उमेश मिश्रा

• 03:36 PM • 03 Jul 2023

Crocodile attack a young man in Dholpur: राजस्थान के धौलपुर (Dholpur ness) जिले में एक चरवाहे ने नदी में मगरमच्छ (Crocodile) को पटखनी दे दी. दरअसल मगरमच्छ पशु पालक को नदी के किनारे से खींचकर नदी में ले गया. वहां नदी में करीब आधे घंटे तक दोनों की गुत्थमगुत्थी हुई. आखिरकार युवक के हौसले के […]

धौलपुर: जान बचाने के लिए नदी में मगरमच्छ से भिड़ गया युवक, ऐसे निकला बाहर
धौलपुर: जान बचाने के लिए नदी में मगरमच्छ से भिड़ गया युवक, ऐसे निकला बाहर
Google CTA

Crocodile attack a young man in Dholpur: राजस्थान के धौलपुर (Dholpur ness) जिले में एक चरवाहे ने नदी में मगरमच्छ (Crocodile) को पटखनी दे दी. दरअसल मगरमच्छ पशु पालक को नदी के किनारे से खींचकर नदी में ले गया. वहां नदी में करीब आधे घंटे तक दोनों की गुत्थमगुत्थी हुई. आखिरकार युवक के हौसले के आगे मगरमच्छ को हार माननी पड़ी.

Read more!

जिले के बसई डांग थाना इलाके के कस्बा नगर गांव से होकर गुजर रही चम्बल नदी के किनारे पशुओं को चराने गए एक पशु पालक को मगरमच्छ नदी में खींच ले गया. पशु पालक ने साहस का परिचय देते हुए वह मगरमच्छ से लड़ता रहा. पशु पालक और मगरमच्छ की करीब आधा घंटा गुत्थमगुथी हुई. पशु पालक की चीख पुकार सुनकर मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने मगरमच्छ के कब्जे से उसे बचाया.

मगरमच्छ के हमले में पशु पालक गंभीर रूप से घायल हो गया.जिसे परिजनों ने धौलपुर शहर के दर्शन हॉस्पिटल में भर्ती कराया. मगरमच्छ ने पशु पालक का एक पैर और एक हाथ बुरी तरह जख्मी कर दिया है.

बता दें कि धौलपुर जिले के बसई डांग थाना इलाके के कस्बा नगर गांव का रहने वाला 32 वर्षीय पशु पालक करुआ पुत्र लत्तर सिंह सोमवार को पशुओ को चराने के लिए चम्बल नदी किनारे गया हुआ था. पशु चम्बल नदी में उतर गए और पशु पालक करुआ ने सोचा कि आज गुरु पूर्णिमा होने पर चम्बल नदी में स्नान किया जाए. जैसे ही पशु पालक नदी किनारे नहा कर रहा था.तभी पानी के अंदर छिपकर बैठे विशाल मगरमच्छ ने उस पर हमला कर दिया और पानी के अंदर खींचकर ले गया.

गौरतलब है कि धौलपुर जिले के चंबल किनारे बसे गांव के ग्रामीणों पर अक्सर मगरमच्छ हमला करते रहते हैं. ग्रामीणों की लापरवाही के कारण आए दिन हादसे होते रहते हैं. धौलपुर जिले से होकर गुजर रही चंबल नदी में मगरमच्छों और घड़ियालों की संख्या अधिक है. घड़ियाल सीधा जलीय जीव होने के कारण किसी पर हमला नहीं करता हैं, लेकिन मगरमच्छ आए दिन ग्रामीणों पर हमला करते रहते हैं.