Ashok Gehlot’s reaction on ED raid: राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (ashok Gehlot) के बेटे वैभव गहलोत, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा (Govind singh dotasra) और कांग्रेस नेता ओम प्रकाश हुड़ला का ईडी ने छापेमारी की है. इधर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सीएम गहलोत ने कहा कि केंद्र की सरकार घबराई हुई है. वो राजस्थान का चुनाव हार रहे हैं. प्रियंका गांधी ने बुधवार को झुंझुनू में जिन दो गारंटी का ऐलान किया उससे बीजेपी घबरा गई है.
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सीएम गहलोत ने कहा कि हम 5 और बड़ी गारंटी देने जा रहे हैं. इसकी घोषणा शुक्रवार को करेंगे. ईडी पहले ही तय कर ले कि कहां-कहां छापे मारेंगे.
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लोकतंत्र में ये दुर्भाग्यपूण- रंधावा
ईडी का रेड दुर्भाग्यपूर्ण है. डेमोक्रेसी के लिए ये काला दिन है. आज तक ऐसा नहीं हुआ जब चुनाव का दौर हो और ये सब हो. इनके पास ईडी, इकमटैक्स या सीबीआई के अलावा भी और कुछ है? यदि है तो इससे भी कांग्रेस नहीं डरेगी.
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बीजेपी को कमल के साथ ये चिन्ह भी लगाना चाहिए
रंधावा ने कहा कि इनको (BJP) अपने चुनाव चिन्ह के साथ ईडी, CBI और इनकम टैक्स का भी निशान साथ लगाना चाहिए. कल से घबराए हुए इनके लीडर तो नहीं आए पर ईडी लीडर बनकर ये राजस्थान में आई है. मैं पूछता हूं मध्य प्रदेश में क्यों नहीं जा रही. हरियाणा में क्यों नहीं जा रही. जौ पैसे लेकर भाग गए उनको क्यों नहीं बुलाया. न हम डरे हैं और न डरेंगे बल्कि उनका मुकाबला करेंगे.
गुंडागर्दी है ये- गहलोत
गहलोत ने कहा कि जब 10 साल तक यूपीए की गवर्नमेंट थी तब ईडी की 112 रेड की कार्रवाई हुई. 104 के खिलाफ चार्जशीट पेश हुआ. ये 96 फीसदी था. तब ये छापे जेनुइन थे. अब बीजेपी सरकार के 9 साल में 3010 छापे पड़े हैं. इसमें महज 881 में चार्जशीट पेश हुई है. यानी 29 फीसदी. डेमोक्रेसी में ऐसी सरकार है कि लोगों का दिल जीतने की बजाय गुंडागर्दी कर रही है. ईडी पर ऊपर के दबाव के बगैर ये संभव नहीं है.
कर्नाटक में छापे पड़े और हम जीत गए
सीएम गहलोत ने कहा कि कर्नाटक में भी चुनाव के दौरान ईडी के छापे पड़े. वहां के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार के यहां छापे पड़े. यहां प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के घर छापे पड़े हैं. वहां भी जीत गए हम और यहां भी जीतेंगे.
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