राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भजनलाल सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने प्रदेश में पंचायती राज व निकाय चुनावों में हो रही देरी को लेकर हाईकोर्ट के रुख पर सवाल उठाए हैं, साथ ही शिक्षा विभाग में तबादलों के नाम पर करोड़ों रुपये के भारी भ्रष्टाचार और बदले की राजनीति करने का गंभीर आरोप लगाया है. डोटासरा ने साफ किया कि सरकार चाहे जितने ट्रांसफर कर ले या जांच एजेंसियां लगा दे, वे झुकने वाले नहीं हैं.
ADVERTISEMENT
हाईकोर्ट के रुख और पंचायत चुनाव पर उठाए सवाल
गोविंद सिंह डोटासरा ने प्रदेश में पंचायती राज और नगर निकाय चुनाव टलने पर राज्य सरकार के साथ-साथ न्यायपालिका के ढुलमुल रवैये पर भी हैरानी जताई. उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट बार-बार तारीखें दे रहा है, लेकिन सरकार जानबूझकर चुनाव टाल रही है. सरकार ने ओबीसी आयोग को समय पर संसाधन नहीं दिए और अंदरखाने निर्देश दिए कि जल्दबाजी करने की जरूरत नहीं है. डोटासरा का दावा है कि भाजपा के पास दिल्ली से 'पर्ची' आई है कि दिसंबर से पहले पंचायती राज के चुनाव किसी भी कीमत पर नहीं होने चाहिए, क्योंकि धरातल पर बिजली, पानी और कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर विफल रहने के कारण सरकार की हालत पतली है.
शिक्षा विभाग में ट्रांसफर उद्योग और भारी भ्रष्टाचार का आरोप
डोटासरा ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और उनके विभाग पर 'तबादला उद्योग' चलाने का संगीन आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया कि जिन शिक्षकों के नाम ट्रांसफर लिस्ट में आ गए, उनसे पैसे लेकर उन्हें वापस उसी स्कूल में रख दिया गया ताकि सिस्टम में पैसा भी आ जाए और लिस्ट में छेड़छाड़ न दिखे. उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि शिक्षा मंत्री के पीए और इर्द-गिर्द घूमने वाले दलालों के फोन टेप करवाए जाएं, तो सारा सच सामने आ जाएगा. डोटासरा ने कहा कि स्कूलों से प्रिंसिपल और व्याख्याताओं के पद खाली पड़े हैं, इंटरव्यू वाली पोस्ट पर खुलेआम पैसे लेकर नियुक्तियां की जा रही हैं और पूरा शिक्षा ढांचा बर्बाद हो चुका है.
राजनीतिक द्वेषता और 'बदले के ट्रांसफर'
डोटासरा ने आरोप लगाया कि उनके विधानसभा क्षेत्र लक्ष्मणगढ़ और शेखावाटी इलाके में बड़े पैमाने पर प्रशासनिक तबादले किए गए हैं. उन्होंने कहा, "जब मैं शिक्षा मंत्री था, तब मैंने महज 0.03% प्रशासनिक ट्रांसफर किए थे, लेकिन मौजूदा सरकार ने कोटा में 24% और मेरी विधानसभा में 85% प्रशासनिक ट्रांसफर किए हैं." डोटासरा के अनुसार, उनके परिवार और करीबियों से जुड़े सरकारी कर्मचारियों को दूर-दराज के इलाकों जैसे बांसवाड़ा, जैसलमेर और बाड़मेर भेजकर डराने की कोशिश की जा रही है क्योंकि वह सरकार की गलत नीतियों और आरएसएस के हस्तक्षेप का विरोध करते हैं.
वसुंधरा राजे के बयान और विपक्ष को दबाने पर बोले डोटासरा
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के हालिया बयान पर टिप्पणी करते हुए डोटासरा ने उन्हें 'दुखी आत्मा' बताया, लेकिन साथ ही उनके बयान की तारीफ भी की. उन्होंने कहा कि राजनीति में इतनी भी कटुता नहीं होनी चाहिए कि लोग आपस में आंखें न मिला सकें. इसके अलावा, उन्होंने रालोपा नेता हनुमान बेनीवाल और उनके कार्यकर्ताओं पर सालों पुराने आंदोलनों को लेकर दर्ज हो रहे मुकदमों की निंदा की और कहा कि भाजपा सरकार विपक्ष की आवाज को कुचलने के लिए हर हथकंडा अपना रही है, लेकिन जनता 2028 के चुनाव में इसका जवाब देगी.
ADVERTISEMENT


