नागौर में बेनीवाल परिवार की दो बहुओं ने लड़ा सरपंच चुनाव, वोटों का अंतर चौंकाने वाला

Kesh Ram

• 08:29 AM • 25 Oct 2026

राजस्थान के नागौर जिले के बरण गांव में सरपंच चुनाव का नतीजा चर्चा में है. सांसद हनुमान बेनीवाल की छोटी भाभी राजबाला ने 982 वोट हासिल कर जीत दर्ज की, जबकि बड़ी भाभी मीरा को सिर्फ 21 वोट मिले. बेनीवाल के मतदान नहीं करने को लेकर भी चर्चाएं हो रही हैं.

Rajasthan Sarpanch Election
Rajasthan Sarpanch Election
Google CTA

राजस्थान के नागौर जिले के बरण गांव में सरपंच चुनाव का नतीजा चर्चा में है. यहां सांसद और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल के परिवार की दो महिला प्रत्याशी आमने-सामने थीं. चुनाव में उनकी छोटी भाभी राजबाला ने 982 वोट हासिल कर जीत दर्ज की, जबकि बड़ी भाभी मीरा को केवल 21 वोट मिले. दोनों के बीच वोटों का बड़ा अंतर लोगों का ध्यान खींच रहा है.

Read more!

इस चुनाव में एक और बात चर्चा का विषय बनी हुई है. हनुमान बेनीवाल खुद मतदान करने नहीं पहुंचे. इसे लेकर परिवार की राजनीति और उनकी नाराजगी की चर्चाएं भी हो रही हैं. हालांकि, नाराजगी की वजह की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.

बरण गांव में छोटी भाभी राजबाला ने दर्ज की जीत

नागौर जिले के बरण गांव में सरपंच पद के लिए छह महिला प्रत्याशी चुनाव मैदान में थीं. इनमें सांसद हनुमान बेनीवाल की छोटी भाभी राजबाला पत्नी प्रेमसुख बेनीवाल और बड़ी भाभी मीरा पत्नी स्वर्गीय रामप्रसाद बेनीवाल के बीच मुकाबले पर खास नजर थी.

मतगणना के बाद घोषित नतीजों में राजबाला ने 982 वोट हासिल किए. वहीं, मीरा को महज 21 वोट मिले. इस तरह दोनों प्रत्याशियों के बीच 961 वोटों का अंतर रहा. राजबाला की जीत के साथ ही वह गांव की नई सरपंच बन गईं. दूसरी ओर, मीरा को इतने कम वोट मिलने के बाद चुनाव का यह नतीजा चर्चा में आ गया.

राजनीतिक विरासत के बावजूद मीरा को मिले सिर्फ 21 वोट

इस चुनाव में मीरा को मिले 21 वोट सबसे ज्यादा चर्चा में हैं. जानकारी के मुताबिक, उनके पति स्वर्गीय रामप्रसाद बेनीवाल लंबे समय तक राजनीति में सक्रिय रहे थे. इसके बावजूद सरपंच चुनाव में मीरा को बहुत कम वोट मिले. वहीं, राजबाला को 982 मतदाताओं का समर्थन मिला. दोनों के बीच वोटों का इतना बड़ा अंतर स्थानीय राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है.

हनुमान बेनीवाल ने क्यों नहीं किया मतदान?

बरण गांव के सरपंच चुनाव में हनुमान बेनीवाल के मतदान नहीं करने की बात भी चर्चा में है. सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि वह परिवार के सदस्यों के चुनाव लड़ने से नाराज थे. बताया जा रहा है कि वह पारिवारिक राजनीति से दूरी बनाए रखना चाहते थे.

यह भी चर्चा है कि बेनीवाल चाहते थे कि परिवार के सदस्यों के बजाय गांव के दूसरे लोग चुनाव लड़ें. हालांकि, उनकी नाराजगी को लेकर अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. इस मामले में उनका आधिकारिक बयान सामने आने पर ही स्थिति साफ हो सकेगी.