संसद के मौजूदा सत्र में नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल अपने चिर-परिचित अंदाज में नजर आए. रेलवे बजट और मांगों पर चर्चा के दौरान बेनीवाल और सदन की अध्यक्षता कर रहे जगदंबिका पाल के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली. बेनीवाल ने कम समय दिए जाने पर नाराजगी जताई और साफ शब्दों में कह दिया कि जब दूसरे सदस्यों को ज्यादा समय दिया गया, तो उन्हें टोककर डिस्टर्ब न किया जाए.
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'बीच में टोको मत, डिस्टर्ब हो जाते हैं हम'
हनुमान बेनीवाल जब राजस्थान और देश की रेलवे कनेक्टिविटी पर अपनी बात रख रहे थे, तब सभापति जगदंबिका पाल ने उन्हें समय सीमा का हवाला देते हुए संक्षिप्त करने को कहा. इस पर बेनीवाल भड़क गए और बोले, 'सर, ऐसे मत करो, बीच में टोकने से हम डिस्टर्ब हो जाते हैं. अगर आप कहो तो मैं बैठ जाता हूं.' उन्होंने आगे तंज कसते हुए कहा कि कल रात तो लोग 9-9 मिनट तक 'रगड़' गए (बोलते रहे), और हमें 4 मिनट में ही रोका जा रहा है.
राजस्थान की रेल परियोजनाओं पर घेरा
बेनीवाल ने रेल मंत्री को संबोधित करते हुए राजस्थान की लंबित परियोजनाओं का मुद्दा जोर-शोर से उठाया. उन्होंने पर्वतसर-किशनगढ़ रेल लाइन का जिक्र करते हुए कहा कि घोषणा के बावजूद आज तक काम शुरू नहीं हुआ. उन्होंने रेल मंत्री और रेल राज्य मंत्री दोनों को याद दिलाया कि वे राजस्थान से आते हैं, इसलिए प्रदेश की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए ज्यादा से ज्यादा कनेक्टिविटी देना उनकी जिम्मेदारी बनती है.
अंडरपास में पानी और कुलियों की बदहाली का मुद्दा
बेनीवाल ने देश भर के रेलवे अंडरपास की खराब स्थिति पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि अंडरपास में पानी भर जाता है और बिजली की व्यवस्था न होने से दुर्घटनाएं होती हैं. इसके अलावा, उन्होंने कुलियों के लिए स्थाई वेतन और सामाजिक सुरक्षा की मांग उठाई. उन्होंने मजाकिया लहजे में 'कुली' फिल्म का जिक्र करते हुए कहा कि पूरे देश में करीब 20-30 हजार कुली हैं, जिन्हें फिक्स वेतन मिलना चाहिए.
नागौर के 'विश्व प्रसिद्ध बैल' के लिए मांगी स्पेशल ट्रेन
अपनी बात खत्म करते-करते बेनीवाल ने नागौर के प्रसिद्ध पशु मेले का मुद्दा उठाया. उन्होंने मांग की कि नागौर के विश्व प्रसिद्ध बैलों के परिवहन के लिए विशेष रेलगाड़ी चलाई जाए, ताकि व्यापारियों को ट्रकों के माध्यम से ले जाने में होने वाली परेशानियों और रोक-टोक से निजात मिल सके.
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