राजस्थान-एमपी सीमा विवाद पर 7 जुलाई को अहम बैठक, राज्यपाल समेत 15 जिलों के एसपी-कलेक्टर होंगे शामिल

Satish Sharma

• 12:17 PM • 05 Jul 2023

Rajasthan Madhya Pradesh border dispute: राजस्थान (rajasthan news) और मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh news) की सीमा पर चल रहे विवाद के बीच 7 जुलाई को उदयपुर (udaipur news) में एक अहम बैठक होगी. इस बैठक में राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र और एमपी के राज्यपाल मंगू भाई पटेल समेत 15 जिलों के कलेक्टर-एसपी शामिल होंगे. उदयपुर […]

राजस्थान-एमपी सीमा विवाद पर 7 जुलाई को अहम बैठक
राजस्थान-एमपी सीमा विवाद पर 7 जुलाई को अहम बैठक
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Rajasthan Madhya Pradesh border dispute: राजस्थान (rajasthan news) और मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh news) की सीमा पर चल रहे विवाद के बीच 7 जुलाई को उदयपुर (udaipur news) में एक अहम बैठक होगी. इस बैठक में राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र और एमपी के राज्यपाल मंगू भाई पटेल समेत 15 जिलों के कलेक्टर-एसपी शामिल होंगे. उदयपुर के संभागीय आयुक्त कार्यलय में होने वाली इस बैठक में दोनों राज्यों की सीमा पर चल रहे विवाद को खत्म करने पर चर्चा होगी.

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इन जिलों में है सीमा विवाद
दरअसल लंबे समय से राजस्थान और मध्यप्रदेश के सीमावर्ती जिलों का सीमा विवाद चल रहा है. राजस्थान के धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, बारां, बांसवाड़ा, झालावाड़, कोटा, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, मध्य प्रदेश के झाबुआ, रतलाम, मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा समेत जिलों के बीच सीमा विवाद है. इस बैठक का मुख्य उद्देश्य भी यही है कि दोनों राज्यों की चर्चा कर समस्याओं का जल्द निस्तारण किया जाए.

राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र 7 जुलाई को 10 बजे जयपुर से डबोक एयरपोर्ट पहुंचेगे. इसके बाद वे सर्किट हाउस पहुंचकर 11:30 बजे संभागीय आयुक्त कार्यालय पहुंचकर बैठक में शामिल होंगे. इसके बाद शाम 4:55 बजे पर राज्यपाल उदयपुर से जयपुर रवाना हो जाएंगे.

उदयपुर संभागीय आयुक्त राजेन्द्र भट्ट ने बताया कि सीमा विवाद को लेकर प्राप्त निर्देशों के अनुसार बैठक की पूरी तैयारियां कर ली गई हैं. उदयपुर के जिला प्रशासन की अधिकारियों बैठक कर जिम्मेदारियां सौंप दी गई है. भट्ट ने बताया कि राज्यपाल के प्रोटोकॉल के साथ यहां आने वाले अधिकारियों के ठहरने समेत अन्य व्यवस्थाओं को कर लिया गया है, ताकि राजस्थान की अच्छी छवि जाए. इस बैठक 15 जिलों के कलेक्टर-एसपी के साथ संबंधित संभागीय आयुक्त, आईजी भी आएंगे. बैठक में मौका स्थिति, दस्तवेज़ों में स्थिति, तकनीकी और भौगोलिक कारणों पर लंबी चर्चा होगी. इसके बाद आपस में निस्तारण कैसे हो, इस पर मंथन होगा.