डेयरी और कृषि सेक्टर पर नहीं आएगी आंच, अमेरिका के साथ ट्रेड डील व्यापार पर संसद में सरकार का बड़ा बयान

संसद में सरकार वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि किसानों और डेयरी क्षेत्र के हित सुरक्षित हैं. टैरिफ कटौती से भारतीय निर्यात को अमेरिकी बाजार में बढ़त मिलेगी.

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न्यूज तक डेस्क

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अमेरिका के साथ नई ट्रेड डील पर सरकार ने आज संसद में बड़ी बात कही है. संसद में वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भरोसा दिया कि इस समझौते से हमारे किसानों और दूध कारोबारियों पर कोई आंच नहीं आएगी. यह डील भारतीय सामान को दुनिया में पहचान दिलाएगी और छोटे व्यापारियों के लिए मुनाफे के नए मौके लेकर आएगी."

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संसद में पीयूष गोयल ने दी जानकारी

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने लोकसभा में दोपहर 12 बजे भारत-अमेरिका व्यापार टैरिफ समझौते पर सरकार का पक्ष रखा. उन्होंने बताया कि फरवरी में प्रधानमंत्री की अमेरिका यात्रा के बाद दोनों देशों के बीच एक संतुलित और पारस्परिक लाभकारी समझौते को अंतिम रूप देने के लिए लगभग एक वर्ष तक कई दौर की बातचीत हुई है.

पीएम नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच 2 फरवरी को हुई बातचीत के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारतीय निर्यात पर लगने वाले टैरिफ में कमी की घोषणा की. सरकार का दावा है कि यह कटौती भारत को अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त देगी.

समझौते में किन क्षेत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई?

मंत्री ने बताया कि भारत ने वार्ता के दौरान कृषि और दुग्ध (डेयरी) जैसे संवेदनशील क्षेत्रों के हितों की पूरी रक्षा की है. हम कृषि और डेयरी क्षेत्र में भारत के हित सुरक्षित रखने में सफल रहे. साथ ही, अमेरिकी पक्ष के भी कुछ संवेदनशील क्षेत्रों का ध्यान रखा गया.

उन्होंने बताया कि यह समझौता विशेष रूप से MSME, कुशल श्रमिकों, श्रम-प्रधान उद्योगों और तकनीकी क्षेत्रों के लिए नए अवसर खोलेगा.

‘मेक इन इंडिया’ विजन को मिलेगा बल

मंत्री ने सदन में बताया कि यह डील Make in India for the World, Design in India for the World, और Innovate in India for the World जैसे विजन को आगे बढ़ाएगी. उन्नत तकनीक, विनिर्माण और निर्यात को इससे गति मिलेगी.

ऊर्जा सुरक्षा पर भी सरकार का रुख साफ

मंत्री ने कहा कि 140 करोड़ भारतीयों की ऊर्जा जरूरतों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य में ऊर्जा स्रोतों का विविधीकरण सरकार की नीति का अहम हिस्सा है. अमेरिका के साथ बढ़ते व्यापारिक संबंध ऊर्जा, विमानन, डाटा सेंटर, और परमाणु ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाएंगे.

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