राजस्थान की रेतीली हवाओं और जोधपुर के ऐतिहासिक महलों के बीच एक ऐसी प्रेम कहानी मुकम्मल हुई, जिसने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है. यह कहानी है यूपी कैडर के दो जांबाज अधिकारी- संभल के एसपी केके बिश्नोई और बरेली की एएसपी अंशिका वर्मा की. इस शाही शादी को 'कृष्णांशिका' नाम दिया गया है.
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प्रोटोकॉल छोड़ घुटनों पर बैठे 'साहब'
जोधपुर के अजीत भवन में आयोजित इस विवाह समारोह का सबसे भावुक और वायरल पल वह था, जब जयमाला के दौरान एसपी केके बिश्नोई ने खाकी के सारे प्रोटोकॉल किनारे रख दिए. उन्होंने अपनी लेडी लव अंशिका वर्मा के सामने घुटनों के बल बैठकर उन्हें वरमाला पहनाई. इस रोमांटिक अंदाज़ ने वहां मौजूद मेहमानों और नेटिजन्स का दिल जीत लिया.
मां के आंचल में दूध पीने की प्राचीन रस्म
शादी की रस्मों के बीच एक और वीडियो खूब चर्चा में है. बिश्नोई समाज की प्राचीन परंपरा के अनुसार, बारात रवानगी से पहले आईपीएस केके बिश्नोई ने अपनी मां का दूध पीया. यह रस्म इस बात का प्रतीक है कि इंसान चाहे कितना भी बड़ा अधिकारी बन जाए, वह अपनी मां के कर्ज और संस्कारों को कभी नहीं भूलता.
गोरखपुर से शुरू हुआ था सफर
इस लव स्टोरी की शुरुआत साल 2021 में गोरखपुर में हुई थी. तब केके बिश्नोई वहां एसपी सिटी थे और अंशिका वर्मा ट्रेनिंग के लिए वहां पहुंची थीं. क्राइम मीटिंग्स और फील्ड ऑपरेशंस के बीच शुरू हुआ परिचय धीरे-धीरे दोस्ती और फिर प्यार में बदल गया. अंशिका जहां प्रयागराज की रहने वाली हैं और बिना कोचिंग के यूपीएससी क्रैक करने के लिए जानी जाती हैं. केके बिश्नोई राजस्थान के बीकानेर के रहने वाले हैं.
खाकी और नियम: क्या अब बदल जाएगा कैडर?
चूंकि दोनों अधिकारी पहले से ही उत्तर प्रदेश कैडर में हैं, इसलिए उन्हें कैडर बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी. हालांकि, 'स्पाउस पोस्टिंग पॉलिसी' के तहत वे एक ही जिले या आसपास के जिलों में तैनाती की मांग कर सकते हैं, ताकि वे साथ रहकर देश की सेवा कर सकें.
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