राजस्थान की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में कुख्यात पूर्व डकैत जगन गुर्जर की मौत के बाद बवाल मचा हुआ है. जगन गुर्जर की मौत के बाद उसके परिजनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जेल प्रशासन और स्थानीय पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए धरना शुरू कर दिया है.
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एक लड़का कैसे मार सकता है जगन गुर्जर को?
जगन गुर्जर के बेटे और सामाजिक कार्यकर्ता प्रहलाद सिंह खटाना ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा किया है. प्रशासन का कहना है कि जेल में बंद 'विष्णु' नाम के एक लड़के ने इस वारदात को अंजाम दिया है.
इस पर परिजनों का कहना है, "जिस जगन गुर्जर के सामने अच्छे-अच्छे पानी भरते थे, जो अकेले 10-10 लोगों को पछाड़ देता था, उसे जेल की चारदीवारी के बीच एक अकेला लड़का कैसे मार सकता है?" परिजनों का आरोप है कि यह कोई सामान्य आपसी रंजिश नहीं, बल्कि एक सोची-समझी गहरी राजनीतिक साजिश है.
जेल के सीसीटीवी (CCTV) कैमरे क्यों थे बंद?
इस पूरे हत्याकांड में सबसे बड़ा संशय जेल के सुरक्षा कैमरों को लेकर खड़ा हो गया है. परिजनों का कहना है कि जिस हाई सिक्योरिटी जेल में परिंदा भी पर नहीं मार सकता, वहां वारदात के वक्त सीसीटीवी कैमरे कैसे खराब या बंद हो गए? यह जेल प्रशासन की मिलीभगत या घोर लापरवाही को साफ तौर पर दर्शाता है.
इसके साथ ही पीड़ित परिवार ने धौलपुर के बाड़ी थाना प्रभारी (SHO) पर भी आरोप लगाए हैं कि उन्होंने जगन गुर्जर को जमानत मिलने के बाद भी सात दिनों तक अवैध कस्टडी में रखा और आर्म्स एक्ट के फर्जी मुकदमे में फंसाकर जेल भिजवाया. अब पीड़ित परिवार प्रशासन से अपनी कुछ मांगे रखकर धरना प्रदर्शन कर रहा है.
पीड़ित परिवार और समाज की प्रमुख मांगें:
CBI जांच: इस पूरे हत्याकांड की निष्पक्ष जांच के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जांच कराई जाए.
भाई की सुरक्षा और ट्रांसफर: जगन गुर्जर का छोटा भाई पप्पू गुर्जर भी उसी जेल में बंद है. परिवार को डर है कि उसकी जान को भी खतरा हो सकता है, इसलिए उसका ट्रांसफर तुरंत धौलपुर जेल किया जाए.
लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई: बाड़ी थाना प्रभारी और अजमेर जेल के सुपरिटेंडेंट के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए.
वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम: शव का पोस्टमार्टम पूरी पारदर्शिता के साथ वीडियोग्राफी के तहत किया जाए.
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से न्याय की गुहार
सामाजिक कार्यकर्ता प्रहलाद सिंह खटाना ने कहा कि सजा देने का काम कानून और कोर्ट का है, किसी राजनेता या अधिकारी का नहीं. उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से अपील करते हुए कहा, "प्रदेश में आपकी सरकार पर जनता भरोसा कर रही है. जेल में बंद हर कैदी के परिवार में डर का माहौल है. इस साजिश के पीछे जो भी बड़ा राजनेता या अधिकारी शामिल है, उसका पर्दाफाश होना चाहिए ताकि कानून पर जनता का विश्वास बना रहे."
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