NEET विवाद पर राजस्थान में सियासी बवाल, अशोक गहलोत और डोटासरा कांग्रेस पर पुलिस की कार्रवाई

न्यूज तक डेस्क

22 Jul 2026 (अपडेटेड: Jul 22 2026 10:28 AM)

नीट पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जयपुर में कांग्रेस ने बड़ा प्रदर्शन किया. अंबेडकर सर्किल पर धरने के दौरान अशोक गहलोत, गोविंद सिंह डोटासरा समेत कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया. कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया.

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राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) धांधली और पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में सियासी घमासान तेज हो गया है. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ी कांग्रेस अब आर-पार के मूड में नजर आ रही है. राजधानी दिल्ली में राहुल गांधी की हिरासत के तुरंत बाद, मंगलवार शाम जयपुर के अंबेडकर सर्किल पर जोरदार प्रदर्शन कर रहे राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को पुलिस ने हिरासत में ले लिया.

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पुलिस वैन में बैठकर की नारेबाजी, थानों में ले जाए गए नेता

अंबेडकर सर्किल पर हुए इस बड़े शक्ति प्रदर्शन में कांग्रेस के कई विधायक और भारी संख्या में कार्यकर्ता एकत्र हुए थे. प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने अशोक गहलोत, गोविंद सिंह डोटासरा और कई विधायकों को अपनी गाड़ी में बैठाया और उन्हें विद्याधर नगर सहित शहर के अलग-अलग थानों में ले जाया गया. हिरासत में लिए जाने के दौरान भी कांग्रेसी कार्यकर्ता लगातार तानाशाही के आरोप लगाते हुए प्रदर्शन करते रहे.

गहलोत ने की केंद्र की तुलना नादिरशाह से

हिरासत में लिए जाने से पहले पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर तीखा प्रहार किया. उन्होंने दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की निंदा करते हुए सरकार के रवैये की तुलना ऐतिहासिक लुटेरे 'नादिरशाह' से कर डाली. गहलोत ने कहा कि देश में लोकतांत्रिक मूल्यों को कुचला जा रहा है और दिल्ली की पुलिस बिल्कुल तानाशाह की तरह व्यवहार कर रही है.

'लाखों युवाओं के भविष्य का सवाल'

गहलोत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि देश के लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है. अभिभावकों के मना करने के बाद भी युवा सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं. उन्होंने साफ किया कि जब सरकार छात्रों की सुनवाई नहीं कर रही है, तो विपक्ष का यह फर्ज बनता है कि वह उनकी आवाज उठाए. गहलोत के अनुसार, यह केवल एक राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि लोकतंत्र को बचाने की मुहिम है और यह आंदोलन आने वाले दिनों में और अधिक उग्र होगा.

पूरे प्रदेश में फैला विरोध का दायरा

बता दें नीट मामले में कांग्रेस ने पूरे राजस्थान के हर जिले में विरोध प्रदर्शन का खाका तैयार किया है. दिल्ली के कल्याण मार्ग पर विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में चल रहे धरने के बाद से पूरे देश में कांग्रेस कार्यकर्ता हमलावर हैं. पार्टी का साफ कहना है कि जब तक पेपर लीक के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होती और शिक्षा मंत्री अपना इस्तीफा नहीं देते, उनका यह देशव्यापी आंदोलन थमने वाला नहीं है.