जयपुर: सरकारी नौकरी और प्रॉपर्टी के लालच में रिश्तों का कत्ल, बेटी ने 7 लाख की सुपारी देकर मां को स्कॉर्पियो से कुचलवाया

न्यूज तक डेस्क

• 01:55 PM • 08 Jul 2026

Jaipur Crime News: जयपुर में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला सनसनीखेज हत्याकांड सामने आया है। पुलिस के अनुसार सरकारी नौकरी और करोड़ों की संपत्ति के लालच में एक बेटी ने अपनी मां की हत्या की साजिश रची और 7 लाख रुपये की सुपारी देकर स्कॉर्पियो से कुचलवाकर मौत के घाट उतरवा दिया. सीसीटीवी फुटेज से हादसे के पीछे की साजिश का खुलासा हुआ.

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राजस्थान की राजधानी जयपुर से एक ऐसा दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है जिसने खून के रिश्तों को पूरी तरह से शर्मसार कर दिया है. जयपुर पुलिस के मुताबिक, सरकारी नौकरी हासिल करने और करोड़ों रुपये की पारिवारिक संपत्ति पर कब्जा जमाने की चाहत में एक सगी बेटी ने अपनी ही मां की बेरहमी से हत्या करने की खौफनाक साजिश रच डाली. आरोपी बेटी पर इल्जाम है कि उसने अपने सगे ताऊ और चचेरे भाई के साथ मिलकर मां की हत्या के लिए 7 लाख रुपए की भारी-भरकम सुपारी दी थी. इसके बाद एक तेज रफ्तार स्कर्पियो गाड़ी से कुचलवाकर मां को मौत के घाट उतार दिया गया. इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस अब तक मुख्य आरोपी बेटी समेत सात लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि एक अन्य आरोपी की सरगर्मी से तलाश की जा रही है.

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सड़क हादसा मान रही थी पुलिस, सीसीटीवी ने खोला राज

यह पूरी खौफनाक और सनसनीखेज वारदात बीते 3 जुलाई की शाम को जयपुर के प्रताप नगर थाना क्षेत्र में अंजाम दी गई थी. पुलिस जांच में सामने आया कि 45 वर्षीय नीरज शर्मा, जो कि अदालत में एलडीसी (LDC) के पद पर तैनात थीं, वह शाम के वक्त अपने बेटे को कोचिंग छोड़कर पैदल ही घर वापस लौट रही थीं. इसी दौरान घात लगाए बैठे आरोपियों ने एक तेज रफ्तार स्कर्पियो गाड़ी से उन्हें बेहद जोरदार टक्कर मार दी. 

यह टक्कर इतनी भीषण थी कि नीरज शर्मा की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी अपनी गाड़ी को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गए. शुरुआती दौर में पुलिस और आस-पास के लोग इसे महज एक आम सड़क दुर्घटना मान रहे थे. लेकिन जब पुलिस ने बारीकी से जांच शुरू की और इलाके के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगालना शुरू किया, तो उसमें कई ऐसे चौंकाने वाले सुराग मिले जिससे पूरी जांच की दिशा ही पलट गई और साफ हो गया कि यह कोई हादसा नहीं बल्कि एक सुनियोजित मर्डर था.

सरकारी नौकरी और संपत्ति का खूनी विवाद

पुलिस की पड़ताल में इस निर्मम हत्याकांड के पीछे की जो वजह सामने आई, वह बेहद हैरान करने वाली है. दरअसल, मृतका नीरज शर्मा के पति का करीब एक साल पहले निधन हो गया था. पति की मौत के बाद नीरज शर्मा को अनुकंपा नियुक्ति के नियम के तहत कोर्ट में एलडीसी की सरकारी नौकरी मिल गई थी. पुलिस का आरोप है कि नीरज शर्मा की बेटी आयुषी शर्मा खुद उस सरकारी नौकरी को हासिल करना चाहती थी और साथ ही उसकी नजर परिवार की करोड़ों की संपत्ति पर भी थी. इसी बात को लेकर पिछले कुछ सालों से मां और बेटी के बीच लगातार गहरा विवाद चल रहा था. अपनी राह से मां को हटाने के लिए बेटी आयुषी ने अपने ताऊ मोहन स्वरूप और चचेरे भाई बलराम उर्फ रवि के साथ हाथ मिलाया और भरतपुर के रहने वाले हेमंत शर्मा नाम के शख्स को 7 लाख रुपए की सुपारी दे दी.

रेकी कर पल-पल की बनाई गई थी रणनीति

वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने बकायदा एक सोची-समझी फूलप्रूफ प्लानिंग तैयार की थी. सुपारी मिलने के बाद शूटरों और उनके मददगारों ने कई दिनों तक मृतका नीरज शर्मा की लगातार रेकी की और उनकी हर छोटी-बड़ी दिनचर्या पर कड़ी नजर रखी. जांच में यह बात भी निकलकर सामने आई है कि घटना वाले दिन हर एक आरोपी की अलग-अलग भूमिका पहले से ही तय की गई थी.

वारदात के वक्त कोई आरोपी नीरज शर्मा की पल-पल की लोकेशन मुख्य शूटरों से साझा कर रहा था, तो कोई बाइक पर सवार होकर पूरे रास्ते की निगरानी कर रहा था. वहीं स्कर्पियो गाड़ी में सवार आरोपी सही मौका देखते ही वारदात को अंजाम देने के लिए तैयार बैठा था. जैसे ही नीरज शर्मा कोचिंग से लौट रही थीं, वैसे ही उन्हें गाड़ी से बेरहमी से रौंद दिया गया.

बेटी ने कबूला गुनाह, पुलिस कर रही फरार आरोपी की तलाश

घटना के संबंध में मृतका नीरज शर्मा के भाई ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने पहले से चले आ रहे संपत्ति विवाद और जान से मारने की मिल रही धमकियों का साफ तौर पर जिक्र किया था. पुलिस के हत्थे चढ़ी आरोपी बेटी आयुषी शर्मा से जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने अपनी मां की हत्या की पूरी साजिश रचने में अपनी मुख्य भूमिका को स्वीकार कर लिया है. पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए मुख्य साजिशकर्ता बेटी आयुषी शर्मा समेत कुल 7 आरोपियों को बेनकाब कर सलाखों के पीछे भेज दिया है. हालांकि, इस पूरे मामले का मुख्य आरोपी चचेरा भाई बलराम उर्फ रवि अब भी पुलिस की पकड़ से दूर है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है.