जयपुर की बेटी कैसे बनीं USA में सांसद? पिया डांडिया ने सात समंदर पार राजस्थान का नाम किया रोशन!

अमित तिवारी

• 05:41 PM • 06 Nov 2026

जयपुर मूल की पिया डांडिया ने अमेरिका के फ्लोरिडा से मिड-टर्म चुनाव जीतकर अमेरिकी संसद (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) में पहुंचने वाली दूसरी भारतीय-अमेरिकी महिला के रूप में इतिहास रचा है.

पिया डांडिया
पिया डांडिया
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अमेरिका के फ्लोरिडा राज्य में हुए मिड-टर्म चुनावों में जयपुर मूल की पिया डांडिया ने शानदार जीत दर्ज कर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है. इस जीत के साथ ही पिया अमेरिका की संसद (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) में पहुंचने वाली दूसरी भारतीय-अमेरिकी महिला बन गई हैं. उनकी इस उपलब्धि से राजस्थान और खासकर राजधानी जयपुर में खुशी का माहौल है. 

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4 दशक पुराना है जयपुर से नाता

पिया डांडिया का परिवार करीब 46 साल पहले (1980 के आसपास) बेहतर भविष्य की तलाश में जयपुर से अमेरिका जाकर बस गया था. पिया के पिता डॉ. रोहित डांडिया ने जयपुर के प्रतिष्ठित एसएमएस मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई की थी. हालांकि, सात समंदर पार अमेरिका में बसने के बावजूद इस परिवार का जयपुर से नाता कभी नहीं टूटा. पिया छुट्टियों में अक्सर अपने परिवार के साथ जयपुर आकर रिश्तेदारों से मिलती रही हैं. 

कांटे की टक्कर में हासिल की जीत

पिया डांडिया ने फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेशनल डिस्ट्रिक्ट से डेमोक्रेटिक पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा था. उनका मुकाबला रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार केसी असगर से था. यह मुकाबला बेहद रोमांचक और कांटे की टक्कर का रहा, जिसमें पिया ने जीत हासिल की. इस ऐतिहासिक जीत के बाद वह जनवरी 2027 में नई अमेरिकी कांग्रेस के गठन के साथ अपनी जिम्मेदारी संभालेंगी.

शिक्षा, व्हाइट हाउस फेलो और एप्पल तक का सफर

पिया डांडिया की शैक्षणिक और पेशेवर यात्रा बेहद प्रेरणादायक रही है:

  • शिक्षा: उन्होंने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से गवर्नमेंट में ग्रेजुएशन और बॉस्टन यूनिवर्सिटी से एजुकेशन में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है.
  • प्रिंसिपल के तौर पर कार्य: न्यूयॉर्क के हारलेम में कम आय वाले परिवारों के बच्चों के लिए एक हाई स्कूल की स्थापना की और महज 28 साल की उम्र में इसकी फाउंडिंग प्रिंसिपल बनीं. उनके नेतृत्व में स्कूल की सभी छात्राओं को कॉलेज में दाखिला मिला.
  • वाइट हाउस फेलो: उन्हें वाइट हाउस फेलो के रूप में चुना गया, जहां उन्होंने डोमेस्टिक पॉलिसी काउंसिल और अमेरिकी शिक्षा विभाग में सेवाएं दीं. 
  • एप्पल में योगदान: इसके बाद उन्होंने दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी 'एप्पल' में पब्लिक सेक्टर प्रोजेक्ट्स (शिक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी सेवाओं को बेहतर बनाने) पर काम किया.

चुनाव प्रचार के दौरान पिया ने शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं की लागत, महंगाई और आम नागरिकों के आर्थिक मुद्दों को मजबूती से उठाया था. उनकी यह जीत अमेरिका की राजनीति में भारतीय मूल के लोगों के बढ़ते प्रभाव और गौरव का एक नया प्रतीक बन गई है.

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