राजस्थान की राजधानी जयपुर की सड़कों पर सरेराह महिलाओं को दबोचने वाले एक सनकी दरिंदे का जयपुर पुलिस ने 'मुकम्मल इलाज' कर दिया है. करीब 20 दिनों तक पुलिस को छकाने वाला आरोपी राहुल गुर्जर आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया. पकड़े जाने के बाद जब आरोपी ने पुलिस कस्टडी से भागने की कोशिश की, तो उसे ऐसी चोट आई कि अब वह लड़खड़ाते हुए चलने को मजबूर है.
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क्या है पूरा मामला?
बीते 25 मार्च को जयपुर में एक शर्मनाक घटना सामने आई थी, जहां दिनदहाड़े एक गर्भवती महिला को एक युवक ने पीछे से आकर दबोच लिया था. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जनता में भारी आक्रोश था. आरोपी की पहचान ग्वालियर (मध्य प्रदेश) निवासी राहुल घुरैया उर्फ राज उर्फ राहुल गुर्जर के रूप में हुई है.
भागने की कोशिश और पुलिस का 'इंसाफ'
20 दिनों की फरारी के बाद जब पुलिस ने राहुल को दबोचा, तो उसने कस्टडी से भागने की हिमाकत की. इस कोशिश के दौरान आरोपी के हाथ और पैर में गंभीर चोटें आईं. जिस हाथ से उसने महिला को दबोचा था, अब उस पर पट्टी बंधी है और वह लंगड़ाते हुए नजर आ रहा है. पुलिस की इस कार्यवाही की सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है.
पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे
पुलिस कस्टडी में राहुल ने सिर्फ एक नहीं, बल्कि चार बड़ी वारदातों को कबूल किया है. उसने बताया कि पिछले एक महीने में उसने जयपुर के अलग-अलग इलाकों में 4 महिलाओं को अपना निशाना बनाया:
- जवाहर सर्किल
- सांगानेर
- बजाज नगर
- रामनगरिया
आरोपी ने कबूला कि वह सरेराह युवतियों से छेड़छाड़ करता था. पुलिस ने उसकी फरारी में मदद करने वाले दो सहयोगियों, शुभम अग्रवाल और बाबूलाल बरारा को भी गिरफ्तार कर लिया है.
आदतन अपराधी है राहुल गुर्जर
जांच में सामने आया है कि राहुल गुर्जर कोई साधारण अपराधी नहीं है. उसके खिलाफ मध्य प्रदेश में 33 मामले और जयपुर में 5 मामले पहले से दर्ज हैं. इनमें हत्या का प्रयास, आर्म्स एक्ट, मारपीट और छेड़छाड़ जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं.
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