राजस्थान की राजधानी जयपुर के जवाहर सर्किल थाना इलाके से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने खाकी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. एक गर्भवती महिला के साथ सड़क पर सरेआम अभद्र व्यवहार हुआ, लेकिन पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के बाद थाने से ही छोड़ दिया. इस लापरवाही के बाद अब विभाग में हड़कंप मच गया है.
ADVERTISEMENT
क्या है पूरा घटनाक्रम?
यह मामला 26 मार्च का है, जब एक प्रेग्नेंट महिला के साथ सड़क पर छेड़छाड़ और अभद्र व्यवहार की वारदात हुई थी. पीड़िता ने इसकी शिकायत जवाहर सर्किल थाने में दी, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज करने के बजाय ढिलाई बरती. सीसीटीवी फुटेज के जरिए आरोपी की पहचान राहुल गुर्जर के रूप में हुई, जो मध्य प्रदेश के ग्वालियर का रहने वाला है.
आरोपी को थाने बुलाकर क्यों छोड़ दिया?
हैरानी की बात यह है कि पुलिस ने आरोपी राहुल गुर्जर को पहचान के बाद थाने बुलाया भी था. लेकिन जवाहर सर्किल थाने के सीआई आशुतोष सिंह पर आरोप है कि उन्होंने बिना किसी ठोस कानूनी कार्रवाई के आरोपी को थाने से जाने दिया. अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर पुलिस ने इतनी बड़ी लापरवाही क्यों की? क्या आरोपी को किसी प्रभाव में आकर छोड़ा गया?
दो पुलिसकर्मी निलंबित, SIT कर रही जांच
इस गंभीर लापरवाही के सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने सख्त रुख अपनाया है. जांच अधिकारी हेड कांस्टेबल अंगद राम मीणा और ड्यूटी ऑफिसर एएसआई महेश चंद्र को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अब एसआईटी (SIT) इस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है. थाने के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि यह साफ हो सके कि उस दिन थाने में क्या हुआ था.
स्पा सेंटर से जुड़े तार
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी राहुल गुर्जर जयपुर के दो स्पा सेंटर्स के संचालकों के संपर्क में था. मालवीय नगर के 'सन एंड मून स्पा' और सांगानेर के 'पिंक थाई स्पा' के साथ उसके तार जुड़ रहे हैं. फिलहाल ये दोनों स्पा सेंटर बंद हैं और इनके संचालक फरार बताए जा रहे हैं. पुलिस अब इन संचालकों की भी तलाश कर रही है.
ADVERTISEMENT


