राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक बार फिर आरक्षण की मांग को लेकर भारी बवाल खड़ा हो गया है. घुमंतू और अर्ध-घुमंतू जातियों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने निकले प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हो गई. देखते ही देखते प्रदर्शन उग्र हो गया, जिसके बाद भीड़ की तरफ से पुलिस पर जमकर पथराव किया गया. स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले भी दागने पड़े.
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बैरिकेड्स तोड़ आगे बढ़ने की कोशिश
जानकारी के अनुसार, प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण मार्च निकाल रहे थे, लेकिन जैसे ही वे मुख्यमंत्री आवास की तरफ बढ़े, पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेड्स लगा दिए. प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स को तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की. जब पुलिस ने उन्हें खदेड़ना चाहा, तो दोनों पक्षों के बीच झड़प शुरू हो गई.
जमकर हुआ पथराव, छोड़े गए आंसू गैस के गोले
तनाव इतना बढ़ गया कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बल पर छतों और रास्तों से पत्थरबाजी शुरू कर दी. इस पथराव में कुछ पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के घायल होने की भी खबर है. पुलिस ने उपद्रवियों को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और आंसू गैस के कई राउंड गोले छोड़े. इस दौरान पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, वार्ता की कोशिशें जारी
घटना के बाद जयपुर प्रशासन और पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है. प्रभावित इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में ले लिया गया है. वहीं दूसरी ओर, आंदोलनकारियों के प्रतिनिधिमंडल और सरकार के बीच बातचीत के जरिए रास्ता निकालने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि तनाव को पूरी तरह शांत किया जा सके.
महापंचायत के बाद अचानक बदला माहौल
दरअसल, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू जातियों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग को लेकर जयपुर के विद्याधर नगर स्टेडियम में समाज के लोगों की एक बड़ी महापंचायत बुलाई गई थी. शुरुआत में सब कुछ शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा था और लग रहा था कि सभा आराम से खत्म हो जाएगी. लेकिन तभी अचानक पूरा घटनाक्रम बदल गया. प्रदर्शनकारियों ने अपनी बात सरकार के कानों तक सीधे पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने का फैसला कर लिया. इसके बाद सैकड़ों की तादाद में लोग पैदल ही सड़कों पर निकल पड़े, जिससे पूरे इलाके में अचानक अफरा-तफरी और तनाव का माहौल पैदा हो गया.
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