जयपुर में मंदिर से लौट रही युवती से जंगल में 2 घंटे तक दरिंदगी, आरोपियों के फोन उगलेंगे कई और राज

जयपुर के सीकर रोड इलाके में मंदिर से लौट रही 20 साल की युवती और उसके साथी को रोककर तीन बदमाशों ने जंगल में बंधक बना लिया. आरोपियों ने युवती के साथी के हाथ-पैर बांधकर दो घंटे तक गैंगरेप किया. पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए होमगार्ड जवान समेत तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

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शरत कुमार

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जयपुर में सनसनी: मंदिर से लौट रही युवती से जंगल में गैंगरेप, होमगार्ड जवान सहित 3 आरोपी गिरफ्तार

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राजस्थान की राजधानी जयपुर से एक बेहद चौंकाने वाला और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. आरोप है कि सीकर रोड इलाके में एक मंदिर से लौट रही 20 साल की युवती के साथ तीन युवकों ने जंगल में ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म किया. आरोपियों ने वारदात के समय युवती के साथी के हाथ-पैर बांध दिए थे और करीब दो घंटे तक युवती के साथ दरिंदगी की. पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी होमगार्ड जवान समेत तीनों बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है.

वीडियो वायरल करने की दी धमकी

जानकारी के मुताबिक, यह घटना तीन दिन पुरानी है. पीड़िता अपने एक दोस्त के साथ इलाके के ही एक मंदिर में गई थी. जब दोनों मंदिर से लौटकर पास के जंगली इलाके में बैठे थे, तभी तीन युवक वहां पहुंच गए. आरोपियों ने दोनों पर दबाव बनाया और युवती के साथी को बंधक बना लिया. इसके बाद तीनों ने बारी-बारी से युवती के साथ गलत काम किया. आरोपियों ने पीड़िता को धमकी दी कि उन्होंने इस पूरी वारदात का वीडियो बना लिया है और अगर किसी को बताया तो वे इसे सोशल मीडिया पर वायरल कर देंगे.

पुलिस काउंसलिंग के बाद दर्ज हुआ मामला

शुरुआत में पीड़िता सामाजिक बदनामी और डर के कारण पुलिस में शिकायत नहीं करना चाहती थी. जब वह अपने साथी के साथ थाने पहुंची तो पुलिस अधिकारियों ने उसकी स्थिति को समझा. डीसीपी प्रशांत किरण ने बताया कि पुलिस टीम ने करीब एक घंटे तक पीड़िता की काउंसलिंग की और उसे ढाढस बंधाया. इसके बाद महिला ने हिम्मत दिखाई और आरोपियों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया.

आरोपियों के मोबाइल से मिले कई संदिग्ध वीडियो

शिकायत मिलने के तुरंत बाद पुलिस ने अलग-अलग टीमें गठित कीं. तकनीकी और अन्य साक्ष्यों की मदद से पुलिस ने तीनों आरोपियों को दबोच लिया. पकड़े गए आरोपियों में से एक होमगार्ड का जवान बताया जा रहा है. गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच की तो उसमें कुछ अन्य महिलाओं के भी आपत्तिजनक और अश्लील वीडियो मिले हैं.

एफएसएल जांच के बाद आगे की कार्रवाई

डीसीपी प्रशांत किरण के अनुसार, आरोपियों को फिलहाल न्यायिक हिरासत (जेसी) में जेल भेज दिया गया है, क्योंकि अभी उनकी पहचान परेड (टेस्ट आइडेंटिफिकेशन परेड) करानी बाकी है. पहचान परेड पूरी होने के बाद पुलिस उन्हें दोबारा रिमांड पर लेगी और कड़ाई से पूछताछ करेगी.

आरोपियों के मोबाइल से मिले संदिग्ध वीडियो को फोरेंसिक जांच (FSL) के लिए भेजा जा रहा है. पुलिस का कहना है कि अगर ये वीडियो किसी अन्य अपराध या महिलाओं से जुड़े पाए गए, तो उन मामलों में भी अलग से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. मामले की गंभीरता को देखते हुए इस पूरे केस की जांच डीएसपी स्तर के अधिकारी को सौंपी गई है.

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