'बहू गर्म रोटी न दे तो मेरे पास आ जाना...', जयपुर में बुजुर्ग महिला को पट्टा सौंपते हुए एसडीएम ने कसा मजेदार तंज, देखें वीडियो

न्यूज तक डेस्क

• 01:55 PM • 09 Jul 2026

Jaipur Viral Video: जयपुर के चौमू में आयोजित पट्टा वितरण शिविर के दौरान एसडीएम आशीष शर्मा की एक मजेदार टिप्पणी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है. बुजुर्ग महिला को जमीन का पट्टा सौंपते हुए उन्होंने कहा, 'अगर बहू गर्म रोटी न दे तो मेरे पास आ जाना.' इस एक लाइन ने पूरे पंडाल को ठहाकों से गूंजा दिया. जानिए वायरल वीडियो का पूरा मामला.

Jaipur Viral Video
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सरकारी कार्यक्रमों का नाम सुनते ही आमतौर पर लोगों के जेहन में एक गंभीर और औपचारिक माहौल की तस्वीर उभरती है. मंच पर बैठे अधिकारी, सामने बैठी जनता, लंबी-लंबी कागजी बातें, सरकारी योजनाओं की जानकारी और दस्तावेजों का लेन-देन ही इन शिविरों की मुख्य पहचान होती है. ऐसे माहौल में हंसी-मजाक या हल्के-फुल्के पल देखने को बेहद कम मिलते हैं. लेकिन राजस्थान की राजधानी जयपुर के चौमू इलाके से एक ऐसा अनोखा मामला सामने आया है, जिसने सरकारी कार्यक्रमों की इस पारंपरिक और गंभीर छवि को पूरी तरह से बदलकर रख दिया. यहां एक पट्टा वितरण शिविर के दौरान एसडीएम की एक छोटी सी और मजाकिया टिप्पणी ने पूरे पंडाल को ठहाकों से गूंजने पर मजबूर कर दिया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

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पट्टा वितरण शिविर में अचानक बदला माहौल

यह पूरा मामला जयपुर जिले के चौमू का है, जहां राज्य सरकार की ओर से एक पट्टा वितरण शिविर का आयोजन किया गया था. इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग अपनी जमीनों के दस्तावेज और पट्टे लेने पहुंचे थे. मंच पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारी कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए पात्र लोगों को जमीन से जुड़े दस्तावेज सौंप रहे थे. इसी प्रक्रिया के दौरान एक बुजुर्ग महिला अपनी जमीन की म्यूटेशन या पट्टा अपने बेटे के नाम ट्रांसफर करवा रही थी. सभी कानूनी और सरकारी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद जब महिला को दस्तावेज सौंपे जाने लगे, तभी वहां एक बेहद दिलचस्प मोड़ आया जिसने वहां मौजूद सभी लोगों का ध्यान खींच लिया.

एसडीएम ने कसा मजाकिया तंज

दस्तावेज सौंपने के दौरान चौमू के एसडीएम आशीष शर्मा ने बेहद मुस्कुराते हुए बुजुर्ग महिला से एक ऐसी बात कह दी जिसे सुनकर हर कोई दंग रह गया. एसडीएम आशीष शर्मा ने महिला से मजाकिया लहजे में कहा कि 'अब जमीन तो आपने बेटे को दे दी है, लेकिन अगर बाद में बहू गर्म रोटी नहीं दे तो सीधे मेरे पास आ जाना.' एसडीएम के मुंह से यह बात सुनते ही कार्यक्रम का पूरा माहौल एक पल में बदल गया और पूरा पंडाल जोरदार ठहाकों से गूंज उठा. वहां मौजूद खुद बुजुर्ग महिला भी अपनी हंसी नहीं रोक पाईं. सबसे खास और दिलचस्प बात यह रही कि उस समय महिला के बेटे और बहू भी वहीं मंच के सामने मौजूद थे और उन्होंने भी एसडीएम की इस टिप्पणी को बहुत ही सहजता और खेल-भाव से लिया, जिससे कुछ देर के लिए सरकारी कार्यक्रम पूरी तरह एक पारिवारिक मिलन जैसा नजर आने लगा.

मजाक के पीछे छिपा है एक गंभीर संदेश

भले ही एसडीएम आशीष शर्मा की यह बात केवल एक हल्के-फुल्के मजाक के तौर पर सामने आई हो, लेकिन इसके पीछे समाज की एक कड़वी हकीकत और गहरा संदेश भी छिपा हुआ नजर आता है. भारतीय समाज में अक्सर ऐसे कई मामले देखने और सुनने को मिलते हैं जहां बुजुर्ग माता-पिता अपनी पूरी जमा-पूंजी और संपत्ति अपने बच्चों के नाम कर देते हैं, लेकिन बाद में उन्हें अपने ही घर में सम्मान, उचित देखभाल और अपने अधिकारों के लिए तरसना पड़ता है. इसी सामाजिक सोच को भांपते हुए एसडीएम ने बहुत ही मजाकिया और हल्के-फुल्के अंदाज में इस गंभीर मुद्दे को सामने रखा. उनका मुख्य उद्देश्य भले ही शिविर के माहौल को सहज बनाना था, लेकिन इस तंज के जरिए उन्होंने बुजुर्गों के सम्मान और उनकी सुरक्षा को लेकर एक बड़ा संदेश देने की कोशिश की.

सोशल मीडिया पर वीडियो हुआ जमकर वायरल

कार्यक्रम में मौजूद किसी व्यक्ति ने एसडीएम की इस हाजिरजवाबी और वहां पैदा हुए मजेदार माहौल का अपने मोबाइल फोन से वीडियो रिकॉर्ड कर लिया. कुछ ही समय बाद इस वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर शेयर किया गया, जहां देखते ही देखते यह तेजी से वायरल हो गया. अब तक हजारों लोग इस वीडियो को देख चुके हैं और इसे जमकर आगे शेयर भी कर रहे हैं. इस वीडियो को लेकर इंटरनेट यूजर्स भी अपनी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. ज्यादातर यूजर्स का मानना है कि अक्सर गंभीर रहने वाले सरकारी कार्यक्रमों में इस तरह के पल जनता और प्रशासन के बीच की दूरी को कम करते हैं और लोगों को अधिकारियों के करीब लाते हैं.

यूजर्स ने की एसडीएम के अंदाज की तारीफ

सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर लोगों के बीच एक नई बहस भी छिड़ गई है. कई यूजर्स ने एसडीएम आशीष शर्मा के इस सहज और हाजिरजवाबी भरे अंदाज की खुलकर तारीफ की है और लिखा कि अगर प्रशासनिक अधिकारी आम जनता से इसी तरह जुड़कर बात करें, तो जनता के मन से कानून का डर कम होता है. वहीं, कुछ अन्य यूजर्स ने इस बात पर जोर दिया कि इस एक छोटी सी लाइन में बुजुर्गों की सुरक्षा का एक बहुत बड़ा संदेश छिपा है और माता-पिता को अपनी संपत्ति बच्चों के नाम करने से पहले अपने भविष्य के बारे में जरूर विचार करना चाहिए. हालांकि, कुछ लोगों का यह भी मानना है कि ऐसे संवेदनशील विषयों पर मजाक करते समय परिस्थिति का ध्यान रखना जरूरी होता है. बहरहाल, चौमू का यह वीडियो इस समय इंटरनेट पर खूब सुर्खियां बटोर रहा है.